बिजली की तार में शॉर्ट सर्किट होने से निकली चिंगारी से गेहूं में आग लग गयी है मिली जानकारी के अनुसार पांवटा साहिब के गांव पीपलीवाला में सलीम के गेहूं के खेतों में दोपहर में अचानक आग लग गई जिससे लगभग 2 से 3 बीघा के करीब गेहूं जलकर राख हो गई ग्रामीणों ने बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया आग लगने का कारण विद्युत शार्ट बताया जा रहा है
कृषक के मित्र आहिया खान. इसरार रावत .पीड़ित किसान सलीम ने बताया कि घटनास्थल के नजदीक घर से मालिक ने खेतों में धुआं उठता देखा तो शोर मचा दिया जिससे किसान इकट्ठे होकर आग पर काबू पाने में कामयाब हो गए यदि आग बेकाबू हो जाती तो सैकड़ों बिघा खेतों में खड़ी पक्की गेहूं जलकर राख हो जाती पुरूवाला काशीपुर के पटवारी आदेश शर्मा ने मौके का मुआयना किया पुष्टि करते हुए बताया कि किसान सलीम के 2 से 3 बीघा खेतों में आग लगने से 7000 के बीच नुकसान हुआ माजरा पुलिस भी मौके पर पहुंची है विद्युत विभाग के जेई रूपेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे और तारों का मुआयना किया उन्होंने बताया कि तारों का डिस्टेंस सही था मगर किसी बड़े पक्षी के तार पर बैठने से तारे आपस में टच होने की संभावना शार्ट सर्किट के कारण हो सकता है हालांकि नुकसान कम ही हुआ है पीड़ित किसान सलीम ने विद्युत विभाग से मुआवजे की मांग की है |
सवाल ये उठता है कि क्या सरकार व प्रशासन उधोगपतियो व अन्य लोगो को करोड़ो रुपए की सब्सिडी दे सकती है तो क्या एक गरीब किसान को जिसकी एक बीघा फसल जिसको बिजाई से लेकर तेयार करने में ही करीब 4000 रुपए का खर्चा आ जाता है केवल चंद रुपए देकर अपनी खाना पूर्ति कर देगी | गरीब के घर में आज शायद चूल्हा भी न जले व रो रोकर उसका बुरा हाल होगा | ऐसे में एक पत्रकार के नाते खबरोंवाला उस गरीब का दर्द शिमला बैठी सरकार तक पंहुचा कर जगा सके की किसानो को फोरी राहत दी जा सके व प्रति बीघा भी फसल का मुआवजा बढ़ाया जा सके |
वही गरीब किसान की बाते करने वाले नेता अपनी राजनितिक रोटिया सेकते रहेंगे | क्या जिले के नेता मोके पर जाकर गरीब किसानो का दर्द भी नहीं बाँट सकते | व सरकार से गरीब किसानो को कोई वितीय लाभ नहीं दिलवा सकते शर्म आती है ऐसी वयवस्था पर जहा 8000 रुपए प्रति बीघा की कीमत की फसल के किसान को चंद रूपये देकर उनके जले पर नमक छिड़का जायेगा |












