एफडी व आरडी की आड़ में करोड़ों का गबन करने के बाद पांवटा से कंपनी संचालक फरार हो गए हैं। बताया जा रहा है कि ग्राहक 5 करोड़ रुपये की ठगी के शिकार हुए हैं। इसको लेकर लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल एसपी से मिला। इस मौके पर कंपनी से ठगी का शिकार हुए लोगों ने एसपी के समक्ष अपना दुखड़ा रोया। प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों ने एसपी को बताया कि वर्ष 2013 में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी सूरज पुंडीर ने रेज फील्ड बिजनेस एंटरप्राइसिस लिमिटेड के बारे में बताया। फिर सहारनपुर के ही रविंद्र कुमार को बतौर डीजीएम पांवटा के लोगों को उनसे मिलवाया गया। स्कीम के तहत आरडी व एफडी के माध्यम से पैसा लिया जाता था। जिसका निवेश रियल एस्टेट में करने की बात बताई गई थी। लोगों के अनुसार उन्हें कंपनी ने मोटा ब्याज चुकाने के बड़े सब्जबाग दिखाए। बड़ी-बड़ी संपत्तियों को भी दिखाया गया।
हालांकि पहले सब ठीक ठाक चलता रहा। मेच्योरिटी पर पैसे चुकाए गए, लेकिन बाद में कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए। 2014 में एक अन्य कंपनी टैक्सस फूडस एंड बिव्रेजिज इंडिया लिमिटेड की एवज में धन संकलन शुरू कर दिया। इसी साल अक्तूबर पांवटा साहिब में कार्यालय भी खोल दिया गया। इन्वेस्टर्स की मानें तो लगभग 5 करोड़ का गबन कर लिया गया है। इसके बाद से सैंकड़ों लोग ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। 2017 में हिमाचल से ही रजिस्टर्ड एक नई कंपनी बना दी गई। अक्तूबर 2018 तक जिन लोगों की मैच्योरिटी हुई थी, उनकी अदायगी कर दी गई, लेकिन इसके बाद झूठे प्रलोभन देकर भुगतान को टाला जाने लगा। एक ऐसी कंपनी भी बनाई, जिसमें 11 हजार रुपये जमा करवाने पर 20 महीने तक प्रतिमाह 720 रुपये का भुगतान किया जाता था। जून 2019 में कंपनी ने पांवटा साहिब से कार्यालय समेट लिया। पीडि़तों ने शिकायत में पांच कंपनियों के अलावा आधा दर्जन लोगों को उनकी खून-पसीने की कमाई को हड़पने को लेकर नामजद किया है।












