पावर ऑफ अटॉर्नी पर 100 गुना स्टाम्प शुल्क का प्रस्ताव, हिमाचल से बाहर रहने वालों पर पड़ेगा असर
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने पावर ऑफ अटॉर्नी (Power of Attorney) से जुड़े स्टाम्प शुल्क में बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश से बाहर रहने वाले गैर-निवासियों के पक्ष में अथवा हिमाचल प्रदेश से बाहर स्थित संपत्ति के संबंध में पावर ऑफ अटॉर्नी किए जाने पर सामान्य स्टाम्प शुल्क से 100 गुना शुल्क वसूलने का प्रावधान प्रस्तावित किया जा रहा है।
राजस्व मंत्री के अनुसार विभिन्न दस्तावेजों पर स्टाम्प शुल्क की दरों का लंबे समय से पुनरीक्षण नहीं हुआ था। राज्य के राजस्व को मजबूत करने तथा वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप स्टाम्प शुल्क की दरों को संशोधित करने के लिए अनुसूची-1 में आवश्यक संशोधन किया जा रहा है।
प्रस्तावित बदलाव का सीधा प्रभाव उन लोगों पर पड़ सकता है जो हिमाचल प्रदेश में पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार अथवा पंजीकृत करवाकर हिमाचल से बाहर रहने वाले व्यक्ति को अधिकार प्रदान करते हैं, अथवा हिमाचल से बाहर स्थित संपत्ति से संबंधित पावर ऑफ अटॉर्नी बनाते हैं।
हालांकि, 100 गुना स्टाम्प शुल्क का प्रावधान वर्तमान में प्रस्तावित संशोधन का हिस्सा है। इसके प्रभावी होने के लिए विधायी प्रक्रिया पूरी होना तथा अधिनियम के लागू होने की अधिसूचना जारी होना आवश्यक होगा। इसलिए वर्तमान में केवल प्रस्ताव के आधार पर प्रत्येक पावर ऑफ अटॉर्नी पर 100 गुना शुल्क लागू नहीं माना जा सकता।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार पावर ऑफ अटॉर्नी की प्रकृति, पक्षकारों का निवास स्थान, संपत्ति का स्थान और उसमें दिए गए अधिकार यह निर्धारित करने में महत्वपूर्ण होंगे कि संशोधित प्रावधान लागू होगा या नहीं।












