Khabron wala
देवभूमि हिमाचल को झकझोर देने वाली एक घटना कांगड़ा से सामने आई है। यहां कांगड़ा जिला के ग्राम पंचायत खोली के वार्ड नंबर-7 में एक नवजात बच्चे को जन्म के बाद कथित तौर पर लावारिस हालत में छोड़ दिया गया। नवजात के रोने की आवाज सुनकर स्थानीय लोगों को इसका पता चला।
लावारिस मिला नवजात बच्चा
गनीमत रही कि समय रहते बच्चे की आवाज लोगों के कानों तक पहुंच गई और उसे सुरक्षित बरामद कर लिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पंचायत प्रतिनिधियों और पुलिस तक पहुंचाई गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नवजात को अपने कब्जे में लिया।
ग्राम पंचायत खोली के प्रधान कुलवंत चौधरी के अनुसार, उन्हें शाम करीब साढ़े चार बजे एक ग्रामीण ने फोन कर नवजात के मिलने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे और तत्काल कांगड़ा पुलिस को इसकी सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने नवजात को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और उसकी हालत को देखते हुए चिकित्सकीय मदद उपलब्ध करवाई।
अस्पताल पहुंचाया गया नवजात
इसके बाद बच्चे को स्वास्थ्य जांच के लिए डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल टांडा भेजा गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने नवजात की जांच की और आवश्यक उपचार दिया।
नवजात के मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बच्चे को जन्म देने के बाद उसे इस तरह अकेला किसने छोड़ा और इसके पीछे क्या वजह थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के इलाकों में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नवजात की मां कौन है और उसे किन परिस्थितियों में यहां छोड़ा गया।
महिला की पहचान…
स्थानीय स्तर पर भी लोगों से पूछताछ की जा रही है और घटनास्थल के आसपास की परिस्थितियों को खंगाला जा रहा है। हालांकि, अभी तक बच्चे को छोड़ने वाले व्यक्ति या महिला की पहचान सामने नहीं आई है।
जन्म के तुरंत बाद एक नवजात को इस तरह अकेला छोड़ दिए जाने की घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। लोग भी इस घटना को लेकर तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल बच्चे को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि नवजात को किसने और किन परिस्थितियों में वहां छोड़ा था।








