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मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है… इस कहावत को सच कर दिखाया है जिला सोलन के अर्की उपमंडल के तहत आने वाले गांव नमोल व डाकघर कुनिहार के होनहार युवा ध्रुव तनवर ने। ध्रुव ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक सीएटी (कॉमन एडमिशन टैस्ट) को पास कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता के आधार पर उन्हें देश के प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट काशीपुर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अमृतसर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट जम्मू, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बोधगया तथा डीबीई, दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश (एडमिशन) मिला है।
बिना कोचिंग के सैल्फ स्टडी से पाई सफलता
इस उपलब्धि की सबसे खास बात यह है कि ध्रुव ने इसके लिए कोई महंगी कोचिंग नहीं ली, बल्कि सैल्फ स्टडी (स्वयं अध्ययन) के बल पर यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने अपनी बीए एलएलबी की कठिन पढ़ाई के साथ-साथ समय निकालकर सीएटी परीक्षा की तैयारी की। इसके बाद उन्होंने अपने उत्कृष्ट शैक्षणिक रिकॉर्ड के साथ-साथ कठोर ग्रुप डिस्कशन (जीडी) और पर्सनल इंटरव्यू (पीआई) को भी शानदार तरीके से क्लीयर किया।
बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं ध्रुव
ध्रुव वर्तमान में सोनीपत (हरियाणा) स्थित डॉ. बीआर अंबेडकर नैशनल लॉ यूनिवर्सिटी से बीए एलएलबी के अंतिम सैमेस्टर की पढ़ाई कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने अपनी दसवीं तक की शिक्षा सोलन के प्रतिष्ठित सेंट ल्यूक्स सीनियर सैकेंडरी स्कूल से और 11वीं-12वीं की पढ़ाई चंडीगढ़ के भवन विद्यालय से पूरी की है। शैक्षणिक प्रतिभा के धनी ध्रुव ने एसओएफ के इंटरनैशनल इंग्लिश ओलंपियाड में मैडल भी जीता है। पढ़ाई के अलावा उन्हें जिमिंग और फुटबॉल खेलने का भी शौक है।
प्रतिष्ठित और शिक्षित परिवार से रखते हैं संबंध
ध्रुव एक बेहद शिक्षित पारिवारिक पृष्ठभूमि से आते हैं, जहां से उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। उनके पिता हेमन्त तनवर हिमाचल प्रदेश जल शक्ति विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि माता मंजु तनवर एक कुशल गृहिणी होने के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहती हैं। उनकी बड़ी बहन जाह्नवी तनवर ने एचपीएनएलयू शिमला से बीबीए एलएलबी और राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, पटियाला से (CLAT पास कर) मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। इतना ही नहीं, उनके ताया की बेटी अनुलेखा और उनके पति क्रमशः ऊना और पांवटा साहिब में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (न्यायिक दंडाधिकारी) के पद पर सेवाएं दे रहे हैं।
ध्रुव तनवर की यह शानदार सफलता न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे सोलन जिले और हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उनकी यह उपलब्धि उन हजारों युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो यह सोचते हैं कि बिना कोचिंग के बड़ी परीक्षाएं पास नहीं की जा सकतीं। ध्रुव ने साबित कर दिया है कि अगर आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और सही दिशा में प्रयास किया जाए,तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।











