Khabron wala
शिमला जिले के जुब्बल के जखोड़ गांव निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट अर्शवीर सिंह ठाकुर को ऑपरेशन सिंदूर में असाधारण साहस और नेतृत्व का परिचय देने पर वीर चक्र से सम्मानित किया गया। उन्होंने पाकिस्तान के बहावलपुर और मुरिदके स्थित आतंकी ठिकानों पर सफल स्ट्राइक मिशन का नेतृत्व किया और मिशन को बिना किसी नुकसान के पूरा किया।
ऑपरेशन सिंदूर में अपने अदम्य साहस के साथ पाकिस्तान के बहावलपुर और मुरिदके में आतंकी ठिकाने तबाह करने पर शिमला जिले के जुब्बल के जखोड़ गांव के फ्लाइट लेफ्टिनेंट अर्शवीर सिंह ठाकुर को देश के तीसरे सर्वोच्च वीरता सम्मान वीर चक्र से सम्मानित किया गया। यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में प्रदान किया। अर्शवीर जुब्बल तहसील के जखोड़ गांव के निवासी हैं। उन्होंने वर्ष 2019 में भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन प्राप्त किया था।
वर्तमान में वह एसयू-30 एमकेआई स्क्वाड्रन में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एक सैन्य अभियान के दौरान उन्होंने आधी रात को अत्यधिक जोखिम भरे स्ट्राइक मिशन का नेतृत्व किया। दुश्मन के भारी वायु रक्षा तंत्र के बीच उन्होंने सटीक हथियारों से निर्धारित लक्ष्य को सफलतापूर्वक नष्ट किया। इस दौरान हवाई और जमीनी हमलों का गंभीर खतरा था, फिर भी उन्होंने असाधारण धैर्य और सूझबूझ दिखाई। रडार को चकमा देकर असाधारण साहस दिखाने पर उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
अर्शवीर ठाकुर ने प्रतिकूल मौसम और कठिन परिस्थितियों में कम ऊंचाई पर उड़ान भरी। उन्होंने अपने दल का नेतृत्व करते हुए मिशन को बिना किसी क्षति के सफलतापूर्वक पूरा कराया। मिशन की योजना, लक्ष्य विश्लेषण और संचालन में योगदान महत्वपूर्ण रहा। उनके असाधारण शौर्य और पराक्रम को देखते हुए उन्हें वीर चक्र प्रदान किया गया है।









