सफाई कर्मचारियों ने दी 2 अक्टूबर से हड़ताल की चेतावनी…
सुपरवाइजरों पर ले-देकर सफाई कर्मचारियों से सेटिंग करने के आरोप…
Khabron wala
पांवटा साहिब में नगर पालिका सुपरवाइजरों द्वारा सफाई कर्मचारियों से ले-देकर सेटिंग की जाती है और उनके काम पर आए बिना हाजिरी लगा दी जाती है। इस तरह के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं।
बता दें की नगर परिषद पांवटा साहिब में इन दिनों सफाई कर्मचारियों का एमसी के साथ विवाद चला हुआ है। सफाई कर्मचारियों को उनके वार्ड बदलकर ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए थे लेकिन इस पर सफाई कर्मचारी भड़क गए और उन्होंने नगर परिषद और कईं पार्षदों के खिलाफ नारेबाजी कर दी।
सफाई कर्मचारी की ओर से आवाज उठा रहे भीम आर्मी के प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित कुमार ने मीडिया को ब्यान देते हुए कहा कि सफाई कर्मचारियों पर उंगली उठाने से पहले उन सुपरवाइजरों पर कार्रवाई होनी चाहिए जो ले-देकर सफाई कर्मचारी के बिना ड्यूटी पर आए हाजिरी लगा देते हैं। उन्होंने कहा कि गरीब सफाई कर्मचारीयों पर लगातार आरोप लग रहे हैं कि वह अपनी सफाई ड्युटियों से नदारद रहते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी सबसे पहले सुपरवाइजरों पर आनी चाहिए जिनकी नाक के तले यह सब होता है।
बता दे की नगर परिषद में कुछ खास सफाई कर्मचारियों को ही सुपरवाइजर बनाया गया है। ऐसे में बहुत पहले से ही आरोप लगते आए हैं कि सुपरवाइजर सफाई कर्मचारियों से सेटिंग कर लेते हैं और उनके आए बिना ही हजरियां लगाकर हर महीने उनसे पैसे एंठ लेते हैं ।
वहीं दूसरी और आरोप लग रहे हैं कि नगर परिषद में कुछ पार्षद मिलकर अपने लोगों को सफाई के ठेके दिलवाना चाहते हैं और अपने आदमियों को काम देकर सैकड़ो कर्मचारियों के पेट पर लात मारने की फिराक में है।
वही फिलहाल इस पूरे मामले में राजनीतिक रोटियां सीखने वाले लोग भी घुस आए हैं जिसके चलते नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी के सामने और अधिक समस्या बढ़ सकती है।
2 अक्टूबर से हड़ताल की चेतावनी
वहीं दलित नेता भीम आर्मी के प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित कुमार ने कहा कि नगर पालिका पांवटा साहिब के सफाई कर्मचारियों की मांगों और स्थानांतरण नीति को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। पिछले करीब 24 घंटे से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं । कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें ईएसआई की सुविधा/अंशदान का लाभ नहीं मिल रहा है और वेतन भी समय पर नहीं दिया जाता, जिसके कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने प्रशासन से इन मामलों की जांच करवाकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।











