पांवटा साहिब में ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ तेज, गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ घोषित करने की मांग
पांवटा साहिब में ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत गौ माता के सम्मान और संरक्षण को लेकर बड़ा जनसमर्थन देखने को मिल रहा है। स्थानीय स्तर पर चल रहा हस्ताक्षर अभियान अब राष्ट्रीय स्तर की मुहिम का रूप लेता दिख रहा है।
पांवटा साहिब के मुख्य बाजार में अभियान का अंतिम चरण आयोजित किया गया। इसमें स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बड़ी संख्या में लोगों ने हस्ताक्षर कर अपनी सहमति जताई।
गौ सेवकों सचिन ओबरॉय, भरत राणा, राकेश शर्मा आदि ने ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिलाना है। साथ ही देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए सख्त कानून बनाने की मांग भी उठाई जा रही है।
इस अभियान की शुरुआत वर्ष 2025 में श्री वृंदावन धाम में हुई संत समाज की बैठक से हुई थी। उस बैठक में देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय लिया गया था।
योजना के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 को देश की करीब 5,000 तहसीलों से 5 करोड़ हस्ताक्षर एकत्र कर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसे एक बड़ा जनआंदोलन बनाने की तैयारी है।
स्थानीय गौ सेवकों का कहना है कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा। अगले तीन महीनों में इसे जिला और फिर प्रदेश स्तर तक विस्तार दिया जाएगा। इसके बाद दिल्ली में बड़े स्तर पर समागम आयोजित करने की योजना है।
बताया जा रहा है कि अंतिम चरण में करीब 25 करोड़ हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। साधु-संतों और सनातनी समाज के लोग इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
अभियान के दौरान स्थानीय नागरिकों ने भी अपने विचार साझा किए। लोगों ने कहा कि बेसहारा गौवंश के लिए उचित देखभाल और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था जरूरी है।
नागरिकों ने पशुओं के समय पर टीकाकरण और चिकित्सा सुविधाओं पर भी जोर दिया। उनका मानना है कि समाज को इस दिशा में और जागरूक होना चाहिए।
अभियान के प्रमुख मुद्दों में गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करना, गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और गौवंश के लिए बेहतर आश्रय व चिकित्सा व्यवस्था शामिल हैं।
यह पहल धार्मिक आस्था के साथ-साथ पशु कल्याण से भी जुड़ी हुई है। पांवटा साहिब के लोगों ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया है।











