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हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के पैंशनरों ने सेवानिवृत्ति लाभों और अन्य वित्तीय देयों के लंबे समय से लंबित रहने पर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की है। विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित कृषि विश्वविद्यालय पैंशनर्ज सभा की वार्षिक सामान्य सभा में पैंशनरों ने अपने आर्थिक हितों से जुड़े विभिन्न मामलों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की। सभा में सदस्यों ने कहा कि अवकाश नकदीकरण और कम्यूटेशन जैसी सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान लंबे समय से लंबित है।
इसके अलावा 15 माह के महंगाई भत्ते के बकाए, संशोधित पैंशन पर पैंशन भत्ते की अदायगी, वेतन संशोधन के एरियर, चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों तथा चार वर्षों से अधिक समय से लंबित लाइफ टाइम एरियर के भुगतान न होने से पैंशनरों को गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सभा की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष डॉ. एसपी शर्मा ने बताया कि पिछले चार महीनों के दौरान पैंशनर्ज सभा ने पैंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि सभा के प्रयासों से लगभग 600 संशोधित पैंशन भुगतान आदेश जारी करवाए गए हैं। इसके अतिरिक्त पूर्व वर्षों से देय बढ़े हुए पैंशन भत्तों को जारी करवाने और पैंशनरों को चिकित्सा सुविधाओं में सहायता प्रदान करने के लिए नए पहचान पत्र जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू करवाई गई है।
उन्होंने सदस्यों से लंबित मामलों के समाधान के लिए सुझाव आमंत्रित करते हुए कहा कि सभा पैंशनरों के वैध हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि आगामी पखवाड़े के भीतर लंबित भुगतान जारी नहीं किए गए तो पैंशनर्ज सभा विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी। सभा के महासचिव डॉ. एसके उपाध्याय ने विभिन्न लंबित न्यायालयीन मामलों की जानकारी देते हुए बताया कि आपातकालीन परिस्थितियों में पैंशनरों की सहायता के लिए सभा के कल्याण कोष को सक्रिय कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि सभी लंबित मामलों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष लगातार और प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा। कोषाध्यक्ष वीरेंद्र कटोच ने सभा का वित्तीय लेखा-जोखा प्रस्तुत किया, जबकि उपाध्यक्ष राजिंदर सिंह संयुक्त सचिव जेपी ठाकुर, मीडिया सलाहकार डॉक्टर हृदयपाल सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान वयोवृद्ध सदस्यों डॉ. एसके भल्ला और डॉ. बीपी कायस्था को उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर डॉ. पवन मेहता, डॉ. जतिंदर किश्तवाड़िया, डॉ. आरएस जम्वाल सहित अनेक सदस्यों ने अपने विचार रखे।












