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राज्य के सरकारी अस्पतालों और मैडीकल कालेजों में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने पीजी कोर्स और सीनियर रैजीडैंसी पूरी कर चुके 194 विशेषज्ञ चिकित्साधिकारियों को प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात करने के आदेश जारी किए हैं। सचिव (स्वास्थ्य) आशीष सिंहमार द्वारा सोमवार को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई।
आईजीएमसी शिमला, टांडा, नेरचौक, हमीरपुर और पीजीआईएमईआर से अपनी पीजी डिग्री और सीनियर रैजीडैंसी पूरी करने वाले 118 जीडीओ विशेषज्ञ डाक्टरों को प्रदेशभर के क्षेत्रीय अस्पतालों, सिविल अस्पतालों, सीएचसी और मैडीकल कालेजों में तैनात किया गया है। इसमें एआईएमएसएस चमियाणा, आईजीएमसी शिमला, टांडा सहित किलाड़, काजा और केलांग जैसे दुर्गम व दूरदराज के क्षेत्रों के अस्पतालों में भी विशेषज्ञों की तैनाती की गई है। डायरैक्ट और ऑल इंडिया कोटा के तहत अपनी पीजी पढ़ाई पूरी करने वाले 76 डाक्टरों को एक वर्ष की अवधि के लिए बतौर जॉब ट्रेनी एंगेज किया गया है।
इन डाक्टरों को प्रति माह 60,000 रुपए मानदेय के साथ नियमानुसार इंसैंटिव दिया जाएगा। इस नए आदेश से प्रदेश के अस्पतालों में एनैस्थीसिया, गाइनोकोलॉजी, पीडियाट्रिक्स, सर्जरी, ऑर्थोपैडिक्स, ईएनटी, मैडीसिन, रैडियोलॉजी, पैथोलॉजी और डर्मेटोलॉजी जैसे प्रमुख विभागों में डाक्टरों की कमी पूरी होगी। प्रदेश सरकार ने सभी तैनात डाक्टरों को बिना कोई समय गंवाए तुरंत अपने संबंधित अस्पतालों में ज्वाइनिंग देने और विभाग के माध्यम से अपनी रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। इससे दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।










