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मटौर-शिमला फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत हमीरपुर जिले में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा पेश आया। चील वाहल से मसीयाणा के बीच हथली खड्ड पर बन रहा एक निर्माणाधीन पुल अचानक भरभरा कर टूट गया। इस हादसे में पुल पर काम कर रहे 6 मजदूर करीब 100 फुट नीचे खड्ड में जा गिरे। हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
जानकारी के अनुसार यह निर्माणाधीन पुल लोहे का था और इसकी लंबाई 100 मीटर से अधिक बताई जा रही है। शुक्रवार को जब मजदूर अपने काम में लगे थे, तभी पुल का एक हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। मौके पर मौजूद चश्मदीद देशराज ने बताया कि वह पास ही घास काट रहे थे, तभी अचानक पुल गिरने की तेज आवाज आई और मजदूरों की चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को मलबे से बाहर निकालने में मदद की।
हादसे की सूचना मिलते ही नैशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया, जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। हमीरपुर के नायब तहसीलदार जगदीश चंद ने बताया कि निर्माणाधीन पुल का हिस्सा टूटने के समय वहां करीब 8 मजदूर काम कर रहे थे। प्रशासन ने तुरंत बचाव कार्य तेज करते हुए घायलों को एंबुलैंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया। पुल के टूट जाने के कारण दूसरी तरफ फंसे कुछ लोगों को निकालने के लिए भी वैकल्पिक मार्गों से व्यवस्था की गई।
जम्मू के रहने वाले हैं मजदूर
हमीरपुर के एसपी बलवीर सिंह ने बताया कि पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता राहत एवं बचाव कार्य है। उन्होंने पुष्टि की है कि जान गंवाने वाले मजदूर की पहचान कमल के रूप में हुई है। सभी प्रभावित मजदूर मूल रूप से जम्मू के रहने वाले बताए जा रहे हैं। एसपी ने कहा कि पुलिस इस बात की तकनीकी और ढांचागत जांच कर रही है कि आखिर इतना बड़ा पुल किन कारणों से गिरा।
निर्माण कार्य में बड़ी लापरवाही की आशंका
मटौर-शिमला जैसे बड़े और राष्ट्रीय महत्व के फोरलेन प्रोजेक्ट का पुल इस तरह अचानक गिर जाना निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग की एक बड़ी लापरवाही की ओर इशारा कर रहा है। करोड़ों रुपए के इस प्रोजेक्ट में पुल का धराशायी होना गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल सभी संबंधित विभाग मामले की जांच में जुट गए हैं।









