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हिमाचल प्रदेश में साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं. ताजा मामला सोलन शहर से सामने आया है, जहां गंज बाजार में चाय बेचकर परिवार का पालन-पोषण करने वाले एक व्यक्ति के बैंक खाते से साइबर ठगों ने 1.75 लाख रुपये उड़ा लिए. हैरानी की बात यह रही कि पीड़ित को ठगी की जानकारी दो दिन बाद मिली, जब उसका मोबाइल फोन दोबारा सामान्य रूप से काम करने लगा.
बैंक अधिकारी बनकर किया फोन
पीड़ित विद्या दत्त के अनुसार उन्हें HDFC बैंक के नाम से एक कॉल आई थी. कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक प्रतिनिधि बताते हुए क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी देने का झांसा दिया. बातचीत के दौरान ठग ने उन्हें बातों में उलझाए रखा और कुछ ही देर बाद उनका मोबाइल फोन अचानक हैंग हो गया.
विद्या दत्त ने बताया कि फोन में न तो UPI काम कर रहा था और न ही कोई अन्य मोबाइल एप्लीकेशन खुल रही थी. करीब दो दिनों तक मोबाइल पूरी तरह से प्रभावित रहा, जिससे उन्हें किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि का पता नहीं चल सका.
जब दो दिन बाद मोबाइल सामान्य हुआ और उन्होंने बैंक से जुड़े संदेश देखे तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. खाते से 1.75 लाख रुपये किसी अन्य बैंक खाते में ट्रांसफर किए जा चुके थे. यह रकम उनकी वर्षों की मेहनत और बचत की कमाई थी. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार साइबर अपराधियों ने फोन हैक कर बैंक खाते तक पहुंच बनाई और रकम दूसरे खाते में भेज दी. घटना के बाद पीड़ित ने तुरंत पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज करवाई.
पुलिस ने शुरू की जांच, लोगों को किया सतर्क
मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक साईं दत्तात्रेय वर्मा ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस साइबर ठगी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल पर बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या कार्ड संबंधी विवरण साझा न करें. यदि मोबाइल में अचानक कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत बैंक और पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते नुकसान से बचा जा सके.










