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हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने शनिवार को आरोप लगाया कि केंद्र ने विफल आर्थिक और विदेश नीतियों के जरिए देश को ‘दिवालियापन के कगार’ पर धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी खराब है कि किसी सुधार का कोई संकेत नहीं है।
‘क्या देश ”वित्तीय आपातकाल” की ओर बढ़ रहा है?’
मंत्री नेगी ने यहां मीडियाकर्मियों से कहा कि पिछले दस दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन बार बढ़ोतरी की गई है तथा पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर पहुंच गई है एवं आने वाले दिनों में यह 150 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच जाएगी। कांग्रेस नेता नेगी ने कहा कि ”कुछ लोगों को अल्प अवधि के लिए बेवकूफ बनाया जा सकता है, लेकिन सभी लोगों को हर बार बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता” वाली कहावत केंद्र सरकार पर सटीक बैठती है। नेगी से जब पूछा गया कि क्या देश ”वित्तीय आपातकाल” की ओर बढ़ रहा है, तो उन्होंने कहा कि ”अघोषित आपातकाल” पहले से ही है और जो कोई भी सरकार के खिलाफ बोलने की हिम्मत करता है, उसे ईडी (प्रवर्तन निदेशालय)और सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) के दुरुपयोग का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की डीजल और पेट्रोल बचाने एवं सोना न खरीदने की अपील इस बात का संकेत है कि ‘अघोषित वित्तीय आपातकाल’ पहले से ही है।
“युवा हताश हैं”
नेगी ने कहा, ”युवा हताश हैं, रोजगार नहीं है, युवाओं के लिए कोई नीति नहीं है और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण किया जा रहा है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का अभूतपूर्व उदय युवाओं के बीच व्याप्त आक्रोश और असंतोष की अभिव्यक्ति है।” उन्होंने कहा,”डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी से हिमाचल प्रदेश में पर्यटन और सेब उत्पादकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा , क्योंकि परिवहन लागत बढ़ जाएगी। अगर सरकार अदाणी, अंबानी और ट्रंप के चंगुल से बाहर निकलकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की नीतियों पर वापस लौटती है, तो स्थिति को सुधारने का अब भी समय है।”












