(नीना गौतम) शनिवार को श्री गुरु रविदास जयंती पर भुंतर में भव्यशोभायात्रा निकली गई। शोभायात्रा का आगाज गड़सा घाटी के ठेला से शुरू हुआ। जिसमें सैंकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस पावनअवसर पर विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों ने भी बढ़-चढ़ कर भाग लिया।
शोभायात्रा मेंं शामिल भक्तजनों भजनों से भुंतर शहर को भक्तिमय कर दिया। शोभायात्रा के माध्यम से मानव एकता का संदेश दिया श्रद्धालुओं ने संगत के लिए जगह-जगह प्रसाद रूप में चाय पानी भी वितरित किया। भुंतर पहुचंते ही सबसे पहले शोभायात्रा में मौजूद सभी श्रधालुओं ने एतिहासिक गुरुग्रंथ साहिब गुरद्वारे में माथा टेका। भुंतर गुरद्वारा में पहुंचने पर सभी भक्त जन भाव विभोर हो उठे। भुंतर शहर की परिक्रमा कर शोभायात्रा अंबेडकर नगर पहुचीं जहां संगत ने सत्संग का आनंद लिया और लंगर भी छका। बता दें गुरु की प्यारी साध संगत गड़सा घाटी से सुशोभित झांकी के साथ चली और हुरला, रुआडू, जरड़ व सुईभ्रा से होते हुए श्रद्धालु भुंतर शहर से भजन किर्तन करते निकले।
पारला भुंतर पहुंचनें पर सर्व संगत श्री गुरु ग्रंथ साहिब गुरद्वारे में शीश नवाया। वहीं, रविदास की मूर्ति स्थापना रविवार को बशौणा पंचायत के बगीचा गांव में की जाएगी। मूर्ति स्थापना के उपरांत सत्संग की वर्षा होगी और गुरु का अटूट लंगर भी बरता जाएगा। शोभायात्रा में मुख्या आयोजक कमलू राम, श्रद्धालु शेर सिंह, रोशन लाल, कर्म सिंह कश्यप, मदन, रजनी, सुरेश, परमा, हेमराज, प्रदीप, राजेश, नरेश, बालक राम, दीपू, राकेश, जगत राम, परस राम, राजकुमार, पूर्ण चंद, प्रमोद, संजीव, राम लाल, प्रदीप, मदन लाल, देवी सिंह, देव राज, हरीश् कुमार, हरिदास, नुप राम, दौलतराम, ज्ञान चंद सीमा देवी, सवित्रा व पूनम आदि के आलावा सेंकडों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।












