गत दिनों कोलर में खैर की लकड़ी से भरा ट्रक वन विभाग ने पकड़ा था जिसके बाद वन विभाग की टीम ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया तथा प्रारंभिक जांच शुरू कर दी थी
वहीं वन विभाग अभी तक पुलिस में एफ आई आर दर्ज कराने में नाकाम साबित हुआ है गौरतलब है कि वन विभाग अधिकांश मामलों में ऐसी कार्रवाई में पुलिस में एफ आई आर दर्ज कराता है ताकि तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके परंतु इस मामले में राजनीतिक दबाव के चलते वन विभाग आरोपी को बचाने में जुट गया है वहीं पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक वन विभाग की तरफ से कोई भी शिकायत पुलिस में नहीं दी गई है
वही सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी ठेकेदार ने वन में कटान लगा हुआ था जो कि कॉर्पोरेशन की सूखी लकड़ी काटने का था परंतु आरोपी ने चार के हरे पेड़ काट कर उनको छिल दिया तथा थार की तस्करी करने के लिए अधिकारियों की आंखों में धूल झोंक या अधिकारियों से की मिलीभगत से खैर की लकड़ी को कहीं अज्ञात जगह ठिकाने लगाने के लिए निकल पड़ा परंतु वन अधिकारियों को इसकी सूचना मिली तथा अधिकारियों ने खैर की लकड़ी से भरे ट्रक को पकड़ लिया
परंतु अब खुद वन विभाग के अधिकारी इस मामले में लीपापोती करने में जुट गए हैं गोपनीय सूचना के आधार पर टीम ने खैर की लकड़ी के अवैध तस्करी कर रहे ट्रक (एचपी 17 बी 9274) को रोका तो इसमें खैर की लकड़ी पाई गई। ट्रक में खैर की लकड़ी के 30 नग बरामद किए गए हैं। दीगर है कि खैर की लकड़ी का इस्तेमाल कत्था के उत्पादन में किया जाता है। इसी कारण लकड़ी पर तस्करों की तीखी नजरें रहती हैं। इस प्लॉट का ठेकेदार कोलर का रहने वाला गिरिराज है। लिहाजा वन विभाग ठेकेदार को ही मुख्य आरोपी मान रहा है। चौकी साल्वे स्लॉट का कार्य केवल वही कर रहा है।
वही इस मामले में विभाग के ऊपर इसलिए उंगली उठ रही है क्योंकि यदि वन विभाग खुद ही ऐसे तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने से बचता रहेगा तो जंगलों की रक्षा कैसे होगी तथा तस्करों पर कड़ी कार्रवाई कैसे होगी एक ओर सरकार जहां लकड़ी तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कर रही है तथा मुख्यमंत्री स्वयं इस मामले में बयान दे चुके हैं ऐसे में लकड़ी तस्करों को बचाना ही सरकार के खिलाफ विपक्ष को एक मुद्दा दे सकता है
वहीं वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो डीएफओ नाहन का कहना है कि वह इस मामले में कार्रवाई कर रहे हैं तथा जल्द ही इस मामले में चालान सीजेएम कोर्ट में पेश कर दिया वहीं इस मामले में वन विभाग के चीफ कंजरवेटर का कहना है कि लकड़ी तस्करी के आरोपियों को किसी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा तथा आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी












