कोरोना वायरस की दहशत के बीच पावटा साहिब प्रशासन की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है मीडिया द्वारा बार-बार मामला उठाए जाने के बाद भी पावटा साहिब प्रशासन अभी तक कोई कड़े कदम उठाने में नाकामयाब साबित हो रहा है अब देखना यह होगा कि लापरवाही बरतने वाले प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई होगी या नहीं | दिल्ली की निजामुदीन स्थित मरकज में कोराना का संक्रमण फैलने के हड़कंप के बीच नेरवा पुलिस ने तबलीकी जमात से ताल्लुक रखने वाले 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। ये लोग मंगलवार रात सिरमौर जिला के पांवटा साहिब से एक गाड़ी में बिना कर्फ्यू पास के नेरवा की तरफ जा रहे थे। नेरवा पुलिस ने नाके के दौरान इन्हें हिरासत में ले लिया। इनके विरूद्व आईपीसी की धाराओं 169 व 288 में केस दर्ज किया गया है।
नेरवा पुलिस ने सभी 12 लोगों को नेरवा
डिग्री काॅलेज में क्वारंटाईन पर रख लिया है। राहत की बात यह है कि ये निजामुदीन
में आयोजित धार्मिक जलसे में शामिल नहीं हुए थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार ये
गाड़ी हायर कर 100 किलोमीटर
का सफर तय कर चुके थे, लेकिन
कहीं भी पुलिस द्वारा इन्हें रोका नहीं गया। इनकी पहचान गुलेश मोहम्मद, सलीम दिन, वरशद अली, मोहम्मद अनवर, मोहम्मद आरिफ, शाबीर, मोहम्मद आरिफ-2, क्यूम मोहम्मद, अब्दुल, अजरूद्दीन, कमरशाह और देवार
शब्बीर के रूप में हुई है। इनमें ज्यादातर पांवटा साहिब व नेरवा के रहने वाले हैं।
प्रदेश पुलिस
प्रवक्ता खुशहाल शर्मा ने पुष्टि करते हुए कहा कि तबलीगी जमात के इन लोगों को बिना
कर्फ्यू परमिट के पकड़ा गया है। ये सभी सिरमौर जिला के पांवटा साहिब से एक गाडी में
नेरवा की तरफ जा रहे थे। इनके विरूद्व नेरवा थाना में अभियोग गिरफ्तार किया
गया था तथा गाड़ी को पुलिस द्वारा कब्जे में लिया गया है।












