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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली क्षेत्र में स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. वारदात के करीब 40 घंटे के अंदर पुलिस ने हत्या में शामिल दोनों आरोपियों को हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस अब दोनों आरोपियों को शिमला लेकर आ रही है, जहां मंगलवार को उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड हासिल किया जाएगा. पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद हत्या की पूरी साजिश और इसके पीछे की वजह सामने आएगी.
एएसपी शिमला अभिषेक ने बताया कि 13 जून की शाम सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल के पास मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए गए. उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए कई टीमें गठित की गईं. पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मौके पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए. डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पुलिस दोनों आरोपियों तक पहुंची.
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी सफेद रंग की स्विफ्ट कार में शिमला पहुंचे थे. अपनी पहचान छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए उन्होंने वाहन पर हरियाणा की जगह हिमाचल की फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी. पुलिस ने वाहन की पहचान करने के बाद आरोपियों तक पहुंच बनाई. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशीष अहलावत (22 वर्ष) निवासी झज्जर और दीपक (25 वर्ष) निवासी रोहतक के रूप में हुई है.
एएसपी अभिषेक ने बताया कि पुलिस ने दोनों आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल किए गए दो पिस्तौल भी बरामद कर लिए हैं. उन्होंने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपियों से पूछताछ के बाद हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा होगा. पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को शिमला लाया जा रहा है और कोर्ट में पेश करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
दिनदहाड़े स्कूल गेट के पास हुई थी हत्या
बता दें कि शनिवार शाम संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की स्कूल गेट के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. घटना के समय वह पास की दुकान से सामान लेकर वापस स्कूल लौट रही थीं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूल गेट के बाहर मौजूद नकाबपोश हमलावरों ने उन पर फायरिंग की और मौके से फरार हो गए. आसपास के लोगों ने गोलियों की आवाज सुनी, लेकिन जब तक लोग बाहर आए, आरोपी वहां से भाग चुके थे.
हत्या के बाद मनीषा मित्तल का एक पुराना वीडियो भी सामने आया था, जिसमें उन्होंने अपनी जान को खतरा बताया था. वीडियो में उन्होंने अपने भाई हिमांक मित्तल और उसके पार्टनर गोविंद से खतरा होने का दावा किया था. मनीषा ने वीडियो में कहा था कि उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी. उन्होंने कहा था, “पुलिस को मैंने फोन किया, तो पुलिस कहती है कि जब लड़ाई-झगड़ा होगा तब हम आ जाएंगे. क्या ये तब मेरी मदद करेंगे, जब मुझे मार देंगे? मैं यहां अपनी बेटी के साथ अकेली हूं. मैंने एसपी सर को भी फोन किया.”
मनीषा मित्तल ने अप्रैल महीने में पारिवारिक संपत्ति विवाद को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि स्कूल के मालिकाना हक को लेकर विवाद चल रहा है. वहीं, पुलिस इस पूरे मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद यह साफ होगा कि हत्या के पीछे असली वजह क्या थी और क्या इस वारदात में कोई और व्यक्ति भी शामिल है.









