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हिमाचल में करीब दस हजार शिक्षकों की नजरें अब 20 जुलाई पर टिक गई हैं. महीनों से अटकी 146 नए सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया आखिर किस दिशा में जाएगी. इसका फैसला अब राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में होने की उम्मीद है. स्क्रीनिंग टेस्ट, मेरिट लिस्ट, काउंसिलिंग और फिर अचानक लगी रोक के बाद पैदा हुई असमंजस की स्थिति अब समाप्त हो सकती है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार मेरिट को ही अंतिम आधार बनाएगी या फिर कोई नया फॉर्मूला सामने आएगा? इस सस्पेंस से पर्दा अब कैबिनेट बैठक में उठने वाला है, जिसका इंतजार हजारों शिक्षक लंबे समय से कर रहे हैं.
सरकार को भेजी सिफारिश
हिमाचल के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में गठित कैबिनेट सब-कमेटी ने विस्तृत मंथन के बाद शिक्षकों की नियुक्ति मेरिट के आधार पर करने की सिफारिश सरकार को भेज दी है. अब यह प्रस्ताव 20 जुलाई को होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा. यदि कैबिनेट सब-कमेटी की सिफारिश को हरी झंडी मिलती है तो लंबे समय से रुकी नियुक्ति प्रक्रिया दोबारा शुरू होगी और हजारों शिक्षकों का इंतजार खत्म हो जाएगा. प्रदेश के 146 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने के लिए 5623 शिक्षकों की तैनाती का निर्णय लिया था.
इसके लिए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के माध्यम से स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित किया गया, जिसमें 9821 शिक्षकों ने भाग लिया. इनमें से 6084 शिक्षक मेरिट सूची में शामिल हुए. शिक्षा विभाग ने मेरिट के आधार पर काउंसलिंग का कार्यक्रम भी जारी कर दिया था, लेकिन बाद में इसे स्थगित कर दिया गया और पूरा मामला कैबिनेट सब-कमेटी के पास भेज दिया गया.
मेरिट पर 62 प्रिंसिपलों की हो चुकी है नियुक्ति
सब-कमेटी ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद स्पष्ट रूप से मेरिट आधारित पोस्टिंग की सिफारिश की है. इस बीच सरकार सात जिलों के 62 सीबीएसई स्कूलों में प्रिंसिपल की नियुक्ति भी मेरिट के आधार पर कर चुकी है. इससे यह संकेत और मजबूत हुआ है कि शिक्षकों की तैनाती में भी मेरिट को ही प्राथमिकता दी जा सकती है. अब अंतिम फैसला 20 जुलाई को होने वाली कैबिनेट बैठक में होगा. यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो 146 सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में 5623 शिक्षकों की तैनाती का रास्ता साफ हो जाएगा और लंबे समय से अपने पसंदीदा स्कूलों में पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी.










