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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में एक कारोबारी के साथ लाखों रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यह ठगी किसी और ने नहीं, बल्कि कारोबारी द्वारा रखे गए अकाऊंटैंट ने ही जीएसटी रिटर्न भरने के नाम पर की है। शिकायत के आधार पर कुल्लू पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सुल्तानपुर निवासी कारोबारी ओम प्रकाश ने कुल्लू थाने में इस बाबत औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई है। ओम प्रकाश की लोअर ढालपुर में एक दुकान है। अपनी दुकान का वित्तीय लेखा-जोखा रखने और नियमित रूप से जीएसटी रिटर्न दाखिल करने के लिए उन्होंने टिकम राम नामक व्यक्ति को बतौर अकाऊंटैंट नियुक्त किया था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2018 से 2025 की अवधि के दौरान उन्होंने टैक्स का भुगतान करने के लिए आरोपी अकाऊंटैंट को ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से पूरी राशि समय-समय पर सौंपी थी।
आरोपी अकाऊंटैंट ने कारोबारी का भरोसा तोड़ते हुए टैक्स के लिए दी गई लाखों रुपए की राशि सरकारी खाते में जमा ही नहीं की। इसके अलावा, उसने इन 7 सालों में दुकान की वार्षिक रिटर्न भी फाइल नहीं की। इस वित्तीय हेराफेरी का खुलासा तब हुआ जब कारोबारी को इसकी भनक लगी, लेकिन तब तक उन्हें भारी आर्थिक नुक्सान और मानसिक परेशानी उठानी पड़ चुकी थी।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कुल्लू पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी अकाऊंटैंट टिकम राम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिताकी धारा 318 (4) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस ने मामले की गहन जांच के लिए आरोपी को पूछताछ के लिए थाने तलब किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उसने गबन की गई इस राशि को कहां खर्च किया है और क्या इस धोखाधड़ी में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।









