गत दिनों सोशल मीडिया पर एक अफवाह उड़ाई गई थी कि कंपनी ने कुछ श्रमिकों को निकाल दिया है परंतु असल में जब बात सामने आई तो श्रमिकों द्वारा स्वयं ही त्यागपत्र कंपनी को दे दिया गया था क्योंकि कंपनी यहां से देहरादून स्विफ्ट हो रही थी तथा कामगार वहां पर काम करने नहीं जा सकते थे परंतु कुछ लोगों के श्रमिकों को भड़काने के बाद श्रमिक श्रम लेवर इंस्पेक्टर सोहन लाल जलोटा के पास पहुंचे थे जिसके बाद लेवर इंस्पेक्टर ने फैक्टरी प्रबंधन तथा श्रमिकों को चेंबर ऑफ कॉमर्स में बुलाया तथा मीटिंग करवाई
जहां श्रमिकों तथा कंपनी प्रबंधन ने आपसी बातचीत लेबर इंस्पेक्टर के माध्यम से की तथा कंपनी प्रबंधन की तरफ से सरबजीत सिंह ने श्रमिकों की सभी मांगें मानते हुए कानूनी तौर पर उनका जो भी पैसा बनता था देना स्वीकार कर लिया गया तथा इसके बाद कंपनी प्रबंधन तथा श्रमिकों के बीच समझोता नामा हो गया मामले की पुष्टि करते हुए लेबर इंस्पेक्टर सोहनलाल जलोटा ने बताया कि श्रमिकों तथा कंपनी प्रबंधन के बीच में समझौता हो गया है तथा कंपनी उनको उनका पैसा देने के लिए राजी है उनके दफ्तर में यह पैसा जल्द ही दिलवा दिया जाएगा इस बीच कुछ दलाल किस्म के लोग भी सक्रिय हो गए थे तथा श्रमिकों को भड़का कर तथा अफवा उड़ा कर कंपनी तथा श्रम विभाग को बदनाम करने में लगे हुए थे












