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मिनी इजराइल कहे जाने वाले कुल्लू जिला के कसोल में रेव पार्टियों के खिलाफ एक्शन न लेने पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए कुल्लू एसपी व एसडीएम को ट्रांसफर करने के आर्डर जारी किए. हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ऐसे आयोजनों पर संज्ञान लेते हुए कुल्लू के जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के सचिव को मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे. हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने इन पार्टियों का आयोजन करने वाले संयोजकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए. अदालत ने कहा कि जंगलों में इस तरह की कोई पार्टी नहीं होनी चाहिए .क्योंकि इससे कानून व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ता है.
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने डीएलएसए कुल्लू के सचिव को आदेश दिए थे कि वे स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की मदद से तुरंत उस जगह का दौरा करें और 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपें. कोर्ट ने कुल्लू के डीसी व पुलिस अधीक्षक को भी निर्देश दिया था कि वे अपने निजी हलफनामे दाखिल करें और इस संबंध में मीडिया की खबरों पर अपना स्पष्टीकरण दे. मामले पर सुनवाई बुधवार को निर्धारित की गई थी.
उल्लेखनीय है कि रेव पार्टियों के संबंध में मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि कसोल में 7 जून से 11 जून तक चार दिन का कार्यक्रम आयोजित किया गया. आयोजन करने वाली संस्था ने इसका जोर-शोर से प्रचार किया. टिकट की कीमतें प्रति प्रतिभागी ₹10,000 से ₹16,000 के बीच बताई जा रही थी. आयोजन में चंडीगढ़, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, गोवा और इजराइल जैसे विदेशी स्थानों से भी लोग आने वाले थे. इसमें यह भी बताया गया था कि लगभग 10,000 लोगों ने इस कार्यक्रम के लिए बुकिंग की है.
मुख्य आयोजक इजराइली हैं. ज्यादा से ज्यादा लोगों को आकर्षित करके पैसे कमाने के लिए तेज आवाज वाले संगीत के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. अब अदालत ने सख्त एक्शन लिया है. हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली खंडपीठ अब मामले पर 6 अगस्त को सुनवाई करेगी.







