ADVERTISEMENT

यमुनानगर में हथनीकुंड बैराज पर मॉक ड्रिल करने आए 4 पैरा कमांडो नदी में गिरे, तीन तैरकर बाहर निकले; एक लापता

Khabron wala 

हथनीकुंड बैराज पर अप स्ट्रीम पर ट्रेनिंग करते समय मंगलवार शाम हिमाचल प्रदेश के नाहन की पैराट्रूप यूनिट वन की मोटर बोट पलट गई। हादसे में एक कमांडो डूब गया, जबकि तीन कमांडो तैरकर सुरक्षित बाहर आ गए।

डूबे कमांडो की तलाश में यूनिट की टीमें व गोताखोर लगे हैं। उसका कुछ पता नहीं लगा है। फिलहाल यूनिट की ओर से इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। यह ट्रेनिंग तीन दिन से चल रही थी। मंगलवार को ट्रेनिंग का अंतिम दिन था।

हिमाचल प्रदेश के नाहन में भारतीय सेना का स्पेशल फोर्सेस ट्रेनिंग स्कूल है। यहां पर भारतीय सेना के सबसे प्रतिभावान व जाबांज कमांडो को प्रशिक्षण दिया जाता है। इस ट्रेनिंग स्कूल से ही पैराट्रूप यूनिट वन हथनीकुंड बैराज आई थी। इन्हें मंगलवार को हेलीकाप्टर के जरिए मोटर बोट में उतारा गया।

बैराज पर पैराट्रूप यूनिट की टीम प्रशिक्षण ले रही थी। एक मोटर बोट में चार कमांडो अभ्यास करते हुए हथनीकुंड बैराज से पश्चिमी यमुना नहर की ओर आ गए। यहां पर पानी का बहाव बैराज के गेट की ओर होने से मोटर बोट अनियंत्रित होकर पलट गई। कमांडो डाइविंग किट पहने हुए थे।

तीन जवान बैराज के गेट के नीचे से निकल गए और तैरकर किनारे पर आ गए। जबकि एक डूब गया। पीछे दूसरी मोटर बोट में भी कमांडो सवार थे, वह भी पहुंचे, लेकिन जवान का पता नहीं लग सका। प्रतापनगर थाना प्रभारी रोहतास ने बताया कि कमांडो को तलाशने के लिए यूनिट की टीम लगी हुई है। उनके ही गोताखोर हैं। आसपास के लोगों को बैराज से दूर कर दिया गया है।

30 हजार क्यूसेक जलबहाव

हथनीकुंड बैराज पर मंगलवार को अधिकतम 30 हजार क्यूसेक जलबहाव रहा। हालांकि यह खतरे के निशान से काफी कम है। बैराज पर पानी सामान्य दिखता रहता है लेकिन यहां पर खिंचाव रहता है, क्योंकि पानी को डायवर्ट किया जाता है। इस खिंचाव के कारण ही मोटर बोट अनियंत्रित होकर पलट गई। यहां पर नहर की ओर डेंजर जोन बनाया गया है। जिसमें जाना प्रतिबंधित है।

सैन्य अभ्यास के लिए आते जवान

हथनीकुंड बैराज पर सेना की विभिन्न यूनिटों के जवान सैन्य अभ्यास के लिए आते रहते हैं। एयर फोर्स की यूनिट भी यहां पर ट्रेनिंग के लिए आती है। पिछले दिनों भी सेना की एक टुकड़ी यहां पर अभ्यास के लिए पहुंची हुई थी।

यहां पर पानी के बीच फंसे लोगों की जान बचाने से लेकर अन्य अभ्यास किया जाता है। यह ट्रेनिंग का हिस्सा है। यह ट्रेनिंग गोपनीय रखी जाती है। गत वर्ष बाढ़ में फंसे एक व्यक्ति को जवानों ने हेलीकाप्टर से रेस्क्यू किया था।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *