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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कैबिनेट ने शनिवार को सरकारी भर्ती, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, किसान कल्याण और आपदा राहत से जुड़े कई फैसलों को मंजूरी दी, जिनमें जल शक्ति विभाग में 4,090 सहायक कर्मचारियों की नियुक्ति और 100 अतिरिक्त सीबीएसई-संबद्ध सरकारी स्कूलों के लिए 4,800 पद भरना शामिल है।
कैबिनेट ने दुग्ध उत्पादक किसानों के लिए एक बड़े कदम के तौर पर दूध प्रोत्साहन योजना के तहत सहायता राशि को 3 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर कर दिया और सरकारी विभागों को ‘मिल्कफेड’ से दूध और दूध से बने उत्पाद खरीदने का निर्देश दिया। इसने ‘मुख्यमंत्री मछुआरा सहायता योजना’ को भी मंजूरी दी, जिसके तहत जलाशय की मछलियों के लिए 100 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय किया गया है। अगर नीलामी की कीमत इस स्तर से नीचे जाती है, तो सरकार 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक की सहायता देगी। कैबिनेट ने कांगड़ा जिले की बोह घाटी में आपदा से प्रभावित परिवारों के लिए एक विशेष राहत पैकेज को मंजूरी दी। जिन परिवारों के घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें 7.5 लाख रुपये मिलेंगे। इसके अलावा घरेलू सामान के लिए एक लाख रुपये, किराए के लिए 5,000 रुपये की सहायता और छह महीने तक मुफ्त राशन देने का फैसला लिया गया। पशुधन, मत्स्य पालन, फसल के नुकसान और क्षतिग्रस्त कृषि भूमि के लिए भी मुआवज़े को मंजूरी दी गई। इसने मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामलों के लिए कांगड़ा और मंडी में दो विशेष अदालतों को मंज़ूरी दी और गवाह सुरक्षा योजना को भी मंज़ूरी दी। 100 प्रतिशत विकलांगता वाले लोगों के लिए मासिक पेंशन पहली अप्रैल, 2026 से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दी गई, जबकि गंभीर संकट का सामना कर रहे गृहरक्षक स्वयंसेवकों के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी गई।
सीबीएसई स्कूलों के लिए नई योजना को दी मंजूरी
कैबिनेट ने प्रस्तावित केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) स्कूलों के लिए एक नयी योजना को मंजूरी दी, साथ ही योजना-आधारित भर्ती के जरिए 3,900 टीचिंग (शिक्षण) और 900 नॉन-टीचिंग (गैर-शिक्षण) पदों को भरने का फैसला किया। इसमें स्कूल प्रबंधन समिति के उन शिक्षकों (जिनमें पीजीटी और टीजीटी शामिल हैं) के लिए सीमित सीधी भर्ती परीक्षा और सरकारी स्कूलों में पहले से आउटसोर्सिंग के आधार पर काम कर रहे कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती को भी मंज़ूरी दी गई। कैबिनेट ने सहायक स्टाफ नर्स के 500 पदों, बैकलॉग कोटे के तहत सहायक प्रोफेसर के 320 पदों और लोक निर्माण विभाग के 172 बहुउद्देश्यीय कर्मचारी के पदों को मंजूरी दी। इसके अलावा जल शक्ति विभाग में 4090 सहायक कर्मचारियों की नियुक्ति, सहायक वन रक्षक के 500 पदों, तकनीकी शिक्षा में 40 सहायक व्याख्याताओं और 120 सहायक शिल्प अनुदेशक की भर्ती के साथ-साथ स्वास्थ्य, बागवानी, पशुपालन और अन्य विभागों में भी भर्ती को मंजूरी दी गई। आंगनवाड़ी कर्मचारी को अब 10,500 रुपए की बजाय 11,500 रुपये का मासिक मानदेय मिलेगा, जबकि सहायक को 5,800 रुपये की बजाय 6,800 रुपये मिलेंगे। विधवाओं, बेसहारा और अकेली महिलाओं में से आंगनवाड़ी कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए सालाना आय की सीमा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपए कर दी गई।
वन मित्रों का मासिक मानदेय बढ़ा
वन मित्रों का मासिक मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दिया गया। अन्य फैसलों में एचपीएसएचआईवीए परियोजना को जून 2030 तक बढ़ाना, सोलन जिले में जलवायु-अनुकूल खेती के उपायों के लिए 603 करोड़ रुपये की मंजूरी, नौ ईको-पर्यटन स्थल आवंटित करना और सुजानपुर में राज्य-स्तरीय होली मेले को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देना शामिल है। कैबिनेट ने कांगड़ा में एक अंतरराष्ट्रीय प्राणी उद्यान, बद्दी में एक अंतर-राज्यीय बस टर्मिनल और अंडरपास के साथ छोटा शिमला चौक के पुनर्विकास को भी मंजूरी दी।









