हिमाचल कैबिनेट: इन शिक्षकों को मिला दिवाली तोहफा, रितु नेगी को भी मिलेगी एक करोड़ इनामी राशि
Khabron wala
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने आज कैबिनेट बैठक में कई ऐतिहासिक फैसले लिए। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं और लंबे समय से नियमित होने का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए सुक्खू सरकार की कैबिनेट बैठक कई बड़ी सौगातें लेकर आई है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को राज्य सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पुलिस और बागवानी समेत कई क्षेत्रों से जुड़े अहम फैसले लिए गए। सरकार ने विभिन्न विभागों में करीब 14 से 15 हजार पदों को भरने की मंजूरी दी है। वहीं, एसएमसी शिक्षकों को सीमित विभागीय भर्ती (एलडीआर) के माध्यम से नियमित करने का रास्ता भी साफ किया गया है।
कैबिनेट के फैसलों में सीबीएसई स्कूलों में 3,900 पद, जल शक्ति विभाग में 4,300 पद और वन विभाग में 500 वन रक्षकों की भर्ती को मंजूरी देना प्रमुख रहा। इसके अलावा गैर-शिक्षण कर्मचारियों, स्वास्थ्य कर्मियों, तकनीकी शिक्षा संस्थानों के शिक्षकों और लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों के पदों को भरने की अनुमति दी गई है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बैठक के बाद फैसलों की जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार ने रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
एसएमसी शिक्षकों को नियमितीकरण का तोहफा
कैबिनेट बैठक का एक अहम फैसला एसएमसी शिक्षकों से संबंधित रहा। लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रहे इन शिक्षकों के लिए सरकार ने एलडीआर नीति के तहत नियमित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। बैठक में बचे हुए एसएमसी शिक्षकों को सीमित विभागीय भर्ती के माध्यम से नियमित करने की व्यवस्था को मंजूरी दी गई।
इसके लिए 700 पद स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई है। टीजीटी और डीपीई शिक्षकों को भी एलडीआर नीति के तहत नियमित करने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से संबंधित पात्र शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, नियमितीकरण की प्रक्रिया, पात्रता की शर्तों और लागू होने वाले नियमों की विस्तृत जानकारी संबंधित विभाग की अधिसूचना से स्पष्ट होगी।
कबड्डी की चार खिलाड़ियों को एक-एक करोड़ रुपये
कैबिनेट ने खेल जगत से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए एशियाई खेलों में भारतीय महिला कबड्डी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने वाली चार खिलाड़ियों को एक-एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि देने की मंजूरी दी है। इनमें हिमाचल की खिलाड़ी रितु नेगी भी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों को सब-इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्त करने का फैसला भी लिया गया है। रितु नेगी की पुरस्कार राशि को लेकर पहले उठे सवालों के बीच सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये देने की मंजूरी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि हरियाणा में विवाह करने वाली रितु नेगी को भी इस पुरस्कार से वंचित नहीं रखा जाएगा।
दूध उत्पादकों को राहत, प्रोत्साहन राशि दोगुनी
दूध उत्पादकों और सहकारी दुग्ध समितियों को राहत देते हुए कैबिनेट ने दूध प्रोत्साहन राशि को तीन रुपये से बढ़ाकर छह रुपये प्रति लीटर करने का फैसला लिया है।
सरकार के इस निर्णय से पात्र सहकारी समितियों के माध्यम से दूध की आपूर्ति करने वाले उत्पादकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। हिमाचल में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन से जुड़े परिवारों के लिए इस फैसले को अहम माना जा रहा है।
ट्राउट मछली का न्यूनतम समर्थन मूल्य 20 रुपये निर्धारित
मत्स्य पालन क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए कैबिनेट ने ट्राउट मछली का न्यूनतम समर्थन मूल्य 20 रुपये निर्धारित करने की नीति को मंजूरी दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के तहत लिया गया बताया गया है। इससे ट्राउट उत्पादन से जुड़े लोगों को समर्थन देने की सरकार की कोशिश को बल मिलने की उम्मीद है।
सुजानपुर होली मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर का दर्जा
हमीरपुर जिले के सुजानपुर होली मेले को राष्ट्रीय स्तर से अंतरराष्ट्रीय स्तर के मेले के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी गई है। इस फैसले से मेले को व्यापक पहचान दिलाने, पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत होंगी।
कैबिनेट ने प्रदेश के 489 विशेष पुलिस अधिकारियों के मानदेय में 500 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इसके बाद उनका मासिक मानदेय 9,200 रुपये हो जाएगा। इसके अतिरिक्त शिमला के कोटी में नई पुलिस पोस्ट खोलने के लिए छह पदों को मंजूरी दी गई है। पुलिस भर्ती में पात्र होमगार्ड जवानों को शारीरिक परीक्षा से छूट देने का निर्णय भी लिया गया है। भर्ती के अन्य निर्धारित मानदंडों का पालन करना होगा।
नशे से जुड़े मामलों के लिए मंडी और कांगड़ा में विशेष अदालतें
प्रदेश में मादक पदार्थों से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए मंडी और कांगड़ा में एनडीपीएस मामलों की सुनवाई हेतु दो विशेष अदालतें खोलने का फैसला लिया गया है। इसका उद्देश्य नशे से जुड़े मामलों की सुनवाई में तेजी लाना और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी बनाना है।
आपदा प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज
कैबिनेट ने कांगड़ा जिले के मोहल, सुपेड़ा, पटवार और संबंधित प्रभावित क्षेत्रों में 21 जुलाई 2026 को आई बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत सहायता को मंजूरी दी है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, प्रभावित परिवारों को किराये के मकान के लिए 5,000 रुपये और राशन उपलब्ध करवाने का प्रावधान है। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 7.5 लाख रुपये और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए एक लाख रुपये की सहायता का उल्लेख किया गया है।
इसके अलावा गाय और भैंस जैसे पशुओं के नुकसान पर 55 हजार रुपये प्रति पशु तथा घरेलू सामान नष्ट होने पर एक लाख रुपये की सहायता देने का प्रावधान बताया गया है। राहत के लिए पात्रता और भुगतान की शर्तें संबंधित सरकारी आदेशों के अनुसार लागू होंगी।
पावर कॉरपोरेशन की उधार सीमा बढ़ाई
कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन की उधार सीमा 6,200 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7,200 करोड़ रुपये करने को मंजूरी दी है। वहीं, शाहपुर जल शक्ति मंडल के तहत दरियानी में जल शक्ति अनुभाग खोलने का निर्णय भी लिया गया है।
सीबीएसई स्कूलों में 3,900 शिक्षकों की भर्ती
शिक्षा क्षेत्र में कैबिनेट ने बड़ा फैसला लेते हुए सीबीएसई स्कूलों में 3,900 शिक्षकों के पद भरने की मंजूरी प्रदान की है। इसके साथ ही 900 गैर-शिक्षण कर्मचारियों के पदों को भी स्वीकृति दी गई है।
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ाने के लिहाज से इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ योग्य उम्मीदवारों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा कॉलेजों में सहायक प्रोफेसरों के 320 पदों और तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत आईटीआई संस्थानों में 200 शिक्षकों के पदों को भरने की मंजूरी दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। कॉलेज शिक्षकों के पदों को एलडीआर के माध्यम से भरने का निर्णय भी लिया गया है।
जल शक्ति विभाग में 4,300 पदों को मंजूरी
प्रदेश में पेयजल आपूर्ति और जल शक्ति विभाग की सेवाओं को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने विभिन्न श्रेणियों में 4,300 पदों को मंजूरी दी है। इनमें पंप ऑपरेटर, बेलदार, चौकीदार, कुक, फिल्टर और पैरा हेल्पर जैसे पद शामिल हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनमें 1,242 पंप ऑपरेटर, 1,845 बेलदार, 175 फिल्टर कर्मचारी, करीब 340 चौकीदार, 87 कुक और 43 पैरा हेल्पर के पद शामिल बताए गए हैं।
इन पदों को भरने से विभागीय कामकाज को गति मिलने और पेयजल योजनाओं के संचालन तथा रखरखाव में कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही इन श्रेणियों में रोजगार की तलाश कर रहे उम्मीदवारों को भी अवसर मिल सकते हैं।
बेरोजगारों के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार
हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए कैबिनेट के फैसले अहम माने जा रहे हैं। सरकार ने अलग-अलग विभागों में हजारों पदों को भरने की मंजूरी देकर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। सरकार की ओर से इन नए स्वीकृत पदों को आगामी मार्च तक भरने का लक्ष्य रखा गया है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के अनुसार, प्रदेश में अब तक करीब 32 हजार लोगों को रोजगार दिया जा चुका है, जबकि लगभग 18 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया पहले से जारी है। नई मंजूरियों के साथ सरकार ने कुल 50 हजार पदों को भरने का लक्ष्य रखा है।
हालांकि, अलग-अलग विभागों में पदों की वास्तविक संख्या, भर्ती की पात्रता, आवेदन की तारीख और चयन प्रक्रिया की जानकारी संबंधित विभागों की अधिसूचनाओं के माध्यम से सामने आएगी। ऐसे में अभ्यर्थियों को आधिकारिक विज्ञापनों पर नजर रखनी होगी।
वन विभाग में 500 वन रक्षक, रेंज अधिकारियों के 10 पद
वन विभाग में भी भर्ती का रास्ता साफ किया गया है। कैबिनेट ने वन रक्षकों के 500 पदों और वन रेंज अधिकारियों के 10 पदों को भरने की मंजूरी दी है। इसके अलावा कांगड़ा जिले के बनखंडी में निर्माणाधीन चिड़ियाघर के लिए विभिन्न श्रेणियों में 57 पद स्वीकृत किए गए हैं। इससे वन विभाग की गतिविधियों और चिड़ियाघर के संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ नर्स और अन्य कर्मियों की भर्ती
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कैबिनेट ने स्टाफ नर्स के 500 पदों को मंजूरी दी है। इसके साथ ही रेडियोग्राफर, विशेषज्ञ डॉक्टरों, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट और अन्य पैरामेडिकल कर्मचारियों के पदों को भी स्वीकृति दी गई है।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, 40 रेडियोग्राफर, मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद तथा 13 क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट और छह पैरामेडिकल कर्मियों के पदों को मंजूरी देने की जानकारी सामने आई है। रेडियोग्राफर के अतिरिक्त पदों का भी उल्लेख किया गया है, जिनकी अंतिम संख्या विभागीय विवरण से स्पष्ट होगी। इन नियुक्तियों से अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने तथा मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
लोक निर्माण विभाग में भी भर्तियां
लोक निर्माण विभाग में मल्टी टास्क वर्करों के 172 पद भरने की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा सहायक अभियंताओं के 10 पदों को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। दिव्यांग श्रेणी के बैकलॉग पदों को भरने की दिशा में भी निर्णय लिया गया है। इसके तहत सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, जूनियर ऑफिस असिस्टेंट, ड्राफ्ट्समैन और मल्टी टास्क वर्कर के कुल 38 पदों को मंजूरी दिए जाने की जानकारी है। इस निर्णय से संबंधित श्रेणियों के पात्र अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।
बागवानी और आबकारी विभाग में भी पद स्वीकृत
कैबिनेट ने बागवानी विभाग में 20 हॉर्टिकल्चर एक्सटेंशन ऑफिसर और 10 हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर के पद भरने को मंजूरी दी है। वहीं, आबकारी एवं कराधान विभाग में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के 10 पदों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अलावा विधानसभा सचिवालय में भी विभिन्न पदों को मंजूरी दी गई है। सरकार के इन फैसलों से अलग-अलग विभागों में कर्मचारियों की कमी दूर करने और प्रशासनिक कामकाज को बेहतर बनाने की उम्मीद है।










