Paonta Sahib: गुरु नानक मिशन पब्लिक स्कूल में “सुरक्षित बचपन अभियान-मेरा बचपन, मेरा अधिकार” जागरूकता कार्यक्रम
Khabron wala
पाँवटा साहिब के शुभखेड़ा स्थित गुरु नानक मिशन पब्लिक स्कूल ने ‘पैन इंडिया स्कूल अवेयरनेस कैंपेन’ – “सुरक्षित बचपन अभियान – मेरा बचपन, मेरा अधिकार” के तहत बाल अधिकारों और कानूनी सुरक्षा पर एक जागरूकता सत्र आयोजित किया। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को उनके अधिकारों के बारे में समझाना, उनकी सुरक्षा के उपायों से अवगत कराना और यह सिखाना था कि किसी असुरक्षित या असहज स्थिति का सामना करने पर वे कैसे मदद मांग सकते हैं।
यह सत्र सिविल जज-सह-JMFC, राघव शर्मा द्वारा आयोजित किया गया था। उन्होंने छात्रों को बच्चों की सुरक्षा के लिए बने कानूनी प्रावधानों, विशेष रूप से ‘प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस’ (POCSO) एक्ट, 2012, और बच्चों के कल्याण व सुरक्षा से जुड़े अन्य कानूनों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने अनुचित व्यवहार की पहचान करने, व्यक्तिगत सीमाओं (personal boundaries) का सम्मान करने, और सुरक्षित व असुरक्षित स्पर्श (safe and unsafe touch) के बीच के अंतर को समझने के बारे में बात की।
छात्रों को सलाह दी गई कि वे किसी भी चिंता या असहज अनुभव को किसी भरोसेमंद वयस्क के साथ साझा करें, और उत्पीड़न, शोषण या अनुचित व्यवहार के मामलों की तुरंत रिपोर्ट करें। उन्होंने छात्रों को याद दिलाया कि कानून हर बच्चे को सम्मान और सुरक्षा के साथ जीने का अधिकार देता है, और मदद मांगने में कभी भी डरना या शर्मिंदा नहीं होना चाहिए। इस अवसर पर पैरा लीगल वॉलंटियर, मनदीप कौर भी मौजूद थीं। उन्होंने छात्रों के बीच कानूनी जागरूकता फैलाने की इस पहल में अपना योगदान दिया।
चर्चा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ‘डिजिटल जागरूकता’ पर केंद्रित था। छात्रों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखने, ऑनलाइन जिम्मेदार व्यवहार अपनाने, और साइबर बुलिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न व शोषण के प्रति सतर्क रहने के बारे में मार्गदर्शन दिया गया। बच्चों की भलाई सुनिश्चित करने में परिवारों, शिक्षकों और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी के महत्व पर भी चर्चा की गई।
इस कार्यक्रम में लगभग 450 छात्रों के साथ-साथ प्रधानाचार्य और शिक्षण व गैर-शिक्षण स्टाफ के सदस्यों ने भाग लिया। छात्रों ने ध्यानपूर्वक सुना और सत्र में सक्रिय रुचि ली। इस बातचीत से उन्हें बाल अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और उनके लिए उपलब्ध सहायता प्रणालियों (support systems) को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिली।
अंत में, प्रधानाचार्या गुरविन्द्र कौर चावला ने राघव शर्मा को उनके ज्ञान को साझा करने और इतने महत्वपूर्ण विषय पर छात्रों को संबोधित करने के लिए धन्यवाद दिया। स्कूल ने एक ऐसा माहौल बनाने के अपने संकल्प को दोहराया जहाँ हर बच्चा सुरक्षित, सम्मानित और आत्मविश्वासी महसूस करे, साथ ही बच्चों के कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना जारी रखा जाए।
कार्यक्रम का समापन इस प्रेरणादायक संदेश के साथ हुआ: “सुरक्षित बचपन, सशक्त भविष्य – हर बच्चे को एक सुरक्षित बचपन पाने का अधिकार है।”











