एक्टिव केस फाईंडिंग अभियान के तहत 23 लाख व्यक्तियों की स्वास्थ्य जानकारी प्राप्त

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने देश तथा प्रदेश में कोरोना वायरस के दृष्टिगत उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए आज शिमला से प्रदेश के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में कानून एवं व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। संबंधित उपायुक्त अपने जिलों में ऐसे धार्मिक स्थलों का ब्यौरा प्रदान करेंगे ताकि शीघ्र सीसीटीवी कैमरे लगाए जा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा तबलीगी जमात से अपील करने के उपरान्त दिल्ली की निजामुद्दीन तबलीगी जमात के समारोह में भाग लेने वाले 12 व्यक्ति स्वेच्छा से सामने आकर अपनी यात्रा का ब्यौरा दिया है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त इन जमातियों के 52 प्रमुख नजदीकी लोगों ने भी अपनी जानकारी प्रदान की है। उन्होंने कहा कि इन सभी 64 व्यक्तियों को क्वारटीन में रखा गया है तथा उनकी जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक्टिव केस फाईंडिंग अभियान के तहत गत तीन दिनों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर 23 लाख से अधिक व्यक्तियों की स्वास्थ्य जानकारी प्राप्त की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए केन्द्र तथा प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक कोरोना वायरस के दृष्टिगत 4458 व्यक्तियों को निगरानी में रखा गया है, जिसमें से 2013 व्यक्तियों ने 28 दिनों की निगरानी अवधि पूर्ण कर ली है। उन्होंने कहा कि आज कोविड-19 के लिए 83 व्यक्तियों की जांच की गई, जिसमें से 32 सैंपल नेगिटिव पाए गए तथा 51 सैंपलों की रिपोर्ट अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस के लिए अभी तक 456 व्यक्तियों की जांच की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने लोगों की सुविधा के लिए खुले बाजारों में आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नागरिक आपूर्ति निगम के डिपो में बफर स्टाॅक सुनिश्चित करवाने के प्रयास भी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जमाखोरी और मुनाफाखोरी को रोकने तथा दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने पर बल दिया जाना चाहिए।
अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान ने कहा कि प्रदेश में आरम्भ किए गए एक्टिव केस फाईंडिंग अभियान के तहत 85 व्यक्तियों को निगरानी में रखा गया है। उन्होंने कहा कि इन व्यक्तियों को कोरोना वायरस नहीं है, बल्कि इनको ऐहतियाती कदमों के तहत निगरानी में रखा गया है ताकि यदि इन व्यक्तियों में कोरोना वायरस के लक्षण पाए जाते हैं तो तुरन्त इनकी जांच की जा सके।
मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, प्रधान सचिव प्रबोध सक्सेना, जे.सी. शर्मा, ओंकार चन्द शर्मा तथा सचिव रजनीश भी बैठक में उपस्थित थे।

Related Posts

Next Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!