पिता ने की ITBP में देशसेवा, अब बेटा IAF में उड़ाएगा विमान; सोलन के लाल ने रोशन किया हिमाचल का नाम

Khabron wala 

सोलन जिले के उपमंडल अर्की की ग्राम पंचायत भूमती के होनहार युवा मयंक शर्मा ने आसमान की ऊंचाइयों को छूकर पूरे क्षेत्र का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। मयंक ने भारतीय वायु सेना में पायलट बनकर न केवल अपने परिवार, गांव और इलाके का, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया है। सबसे खास बात यह है कि मयंक अपने गांव से भारतीय वायु सेना में पायलट बनने वाले पहले युवा बन गए हैं। एक ग्रामीण परिवेश से निकलकर देश की रक्षा के लिए फाइटर प्लेन की कॉकपिट तक पहुंचने की उनकी इस शानदार उपलब्धि से पूरी पंचायत और आसपास के क्षेत्रों में जश्न व भारी उत्साह का माहौल है।

मयंक को देशसेवा और अनुशासन का जज्बा अपने घर से ही विरासत में मिला है। उनके पिता भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) से सेवानिवृत्त हैं, जिन्होंने जीवन भर देश की सरहदों की रखवाली की है, वहीं उनकी माता एक कुशल गृहिणी हैं। मयंक का भाई भी वर्तमान में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में जुटा है। परिवार की इसी देशसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मयंक ने यह उल्लेखनीय मुकाम हासिल किया है। इस सफलता पर पूर्व बीडीसी सदस्य एवं मयंक की चाची आशा शर्मा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह पूरे परिवार और गांववासियों के लिए अत्यंत हर्ष व गर्व का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि मयंक देश सेवा के मार्ग पर चलते हुए भविष्य में और भी ऊंचाइयों को छुएंगे।

युवा पायलट की इस गौरवशाली कामयाबी पर गांव में खुशी की लहर है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। इस अवसर पर स्थानीय पंचायत के नवनिर्वाचित उपप्रधान विनय शर्मा, पूर्व पंचायत प्रधान योगेश गौतम, भुवनेश्वर शर्मा, नवीन शर्मा, विनोद शर्मा, हेतराम शास्त्री, सतीश शर्मा, अरुण शर्मा और मुकेश शर्मा ने मयंक को इस सफलता पर शुभकामनाएं दीं। इनके अलावा रघुनाथ शर्मा, रामनाथ शर्मा, दीनानाथ शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, कुनाल शर्मा, अकुल शर्मा, हिमांशु शर्मा, ललित शर्मा, चंद्रकांता शर्मा, देवेश शर्मा, जयचंद शर्मा, गौरव शर्मा, वाशी शर्मा, जतिन, धीरज, सौरभ, दुष्यंत सहित समस्त ग्रामवासियों ने भी मयंक शर्मा व उनके परिवार को ढेरों बधाइयां देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

समस्त गांव वासियों ने एक स्वर में कहा कि मयंक की यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए एक सच्ची मिसाल है। मयंक की सफलता यह साबित करती है कि अगर इंसान में सच्ची लगन, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प हो, तो किसी भी बड़े और कठिन लक्ष्य को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

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