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खाद्य सामग्री और पेय पदार्थों की बिक्री को लेकर अब शराब ठेका संचालकों पर भी खाद्य सुरक्षा विभाग की नजर है. शराब की बिक्री करने वाले ठेका मालिकों को भी भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से लाइसेंस लेना अनिवार्य किया गया है. खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले के शराब ठेकेदारों को जल्द से जल्द FSSAI लाइसेंस के लिए आवेदन करने के निर्देश दिए हैं.
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार शराब को भी खाद्य श्रेणी में शामिल किया गया है. शराब के निर्माण और प्रसंस्करण में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न खाद्य एवं तरल पदार्थों को देखते हुए शराब की बिक्री से जुड़े प्रतिष्ठानों के लिए भी खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी है. इसी के तहत विभाग की ओर से शराब के ठेकों की जांच की जा रही है.
हमीरपुर जिले में करीब 150 शराब की दुकानें संचालित हैं, लेकिन विभागीय जांच के दौरान सामने आया है कि इनमें से केवल पांच ठेका संचालकों के पास ही FSSAI लाइसेंस मौजूद है. वहीं, करीब 145 शराब ठेकों के पास लाइसेंस नहीं पाए गए हैं. विभाग अब ऐसे सभी ठेकों को लाइसेंस बनवाने के लिए निर्देशित कर रहा है और लगातार निरीक्षण भी किया जा रहा है.
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से हाल ही में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में शराब ठेकों की जांच की गई. इस दौरान नियमों का पालन नहीं करने वाले कुछ ठेका संचालकों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है. दरअसल भोरंज क्षेत्र में एक शराब ठेके के खिलाफ बिना FSSAI लाइसेंस के संचालन को लेकर चालान किया गया, जिसके बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा. न्यायालय ने FSSAI नियमों की अवहेलना के मामले में संबंधित ठेका संचालक पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया.
वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग हमीरपुर के अधिकारी डॉ. अभिषेक ठाकुर ने बताया कि शराब की दुकानों के लिए भी FSSAI लाइसेंस जरूरी है, क्योंकि शराब खाद्य श्रेणी के अंतर्गत आती है. विभाग की ओर से शराब ठेकेदारों को इस संबंध में पहले ही जागरूक और आगाह किया जा चुका है, ताकि वे समय रहते अपना लाइसेंस बनवा सकें. जांच के दौरान ये सामने आया है कि जिले में बड़ी संख्या में शराब ठेका संचालकों के पास FSSAI लाइसेंस नहीं है. भोरंज में एक ठेके के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है और आने वाले समय में अन्य शराब दुकानों की भी जांच की जाएगी. विभाग का उद्देश्य सभी संबंधित ठेका संचालकों को खाद्य सुरक्षा नियमों के दायरे में लाना है.











