Khabron wala
हिमाचल प्रदेश के रामपुर में रिश्वत मांगने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कटगांव पुलिस चौकी के तत्कालीन प्रभारी रवि चौपड़ा को 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में 4 साल की कठोर कैद और 43 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। वहीं, चरस तस्करी के एक अन्य मामले में दो आरोपियों को भी 8-8 साल की जेल और 80-80 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है।
शराब की दुकान में तोड़फोड़ के मामले में मांगे थे 60 हजार रुपये
यह मामला साल 2020 का है। 23 अप्रैल को कटगांव के रहने वाले रोबिन सिंह ने शिमला में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो के पास शिकायत दर्ज करवाई थी।
शिकायत में बताया गया था कि उस समय कटगांव पुलिस चौकी के प्रभारी रवि चौपड़ा ने रोबिन के भाई सचिन और उसके पांच साथियों को शराब की दुकान में तोड़फोड़ के मामले में फंसाने की धमकी दी थी। आरोप था कि इस मामले से बचाने के बदले उनसे 60 हजार रुपये मांगे गए थे।
दूसरे के बैंक खाते में जमा करवाए पैसे
शिकायत के मुताबिक, रवि चौपड़ा ने पैसे अपने पास लेने के बजाय राहुल धीमान के बैंक खाते में जमा करवाने को कहा था। उसने पैसे जमा करने के बाद स्क्रीनशॉट अपने व्हाट्सऐप नंबर पर भेजने के लिए भी कहा था। इसके बाद राहुल धीमान को यह रकम अपने पंजाब नेशनल बैंक के कांगड़ा वाले खाते में ट्रांसफर करने के लिए कहा गया।
शिकायत में बताया गया कि पैसे नहीं देने पर सचिन और उसके साथियों को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई थी। डर के कारण सचिन ने बताए गए बैंक खाते में 60 हजार रुपये जमा कर दिए। इसके बाद 24 अप्रैल 2020 को भावानगर थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच की और सबूत मिलने के बाद अदालत में चालान पेश किया।
अदालत में 39 लोगों ने दी गवाही
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में 39 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके अलावा बैंक खातों में पैसों के लेन-देन की जानकारी, एफएसएल रिपोर्ट और दूसरे सबूत भी पेश किए गए। इन सबूतों के आधार पर अदालत ने रवि चौपड़ा को दोषी करार दिया।
4 साल की जेल, जुर्माना नहीं देने पर 15 दिन की अतिरिक्त सजा
अदालत ने रवि चौपड़ा को 4 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 43 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अगर वह जुर्माने की रकम नहीं भरता है, तो उसे 15 दिन की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
चरस तस्करी के दो दोषियों को 8-8 साल की जेल
दूसरे मामले में अदालत ने चरस तस्करी के दो आरोपियों को 8-8 साल की जेल की सजा सुनाई है। दोनों की पहचान सुनील चौहान निवासी टीला, बच्छूट, तहसील बंजार और सोनू निवासी वार्ड नंबर-5, बच्छूट चुनार, तहसील बंजार के रूप में हुई है। यह मामला साल 2022 का है।
जिला न्यायवादी एलएम शर्मा ने बताया कि 30 मार्च 2022 को शिमला की डिटेक्शन सेल और नारकंडा पुलिस चौकी की टीम गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने शक के आधार पर एक कार को रोका। कार में सुनील चौहान और सोनू सवार थे। तलाशी लेने पर कार के डैशबोर्ड से 803 ग्राम चरस बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने कुमारसैन थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 और 29 के तहत मामला दर्ज किया।
दोनों पर 80-80 हजार रुपये का जुर्माना
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में 14 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों की जांच करने के बाद विशेष न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने सुनील चौहान और सोनू को 8-8 साल की जेल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर 80-80 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अगर वे जुर्माना नहीं भरते हैं, तो उन्हें 15-15 दिन की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। दोनों मामलों में सरकार की ओर से जिला न्यायवादी LM शर्मा ने पैरवी की।








