उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित हुई कल्याण विभाग की समीक्षा बैठकें।
नाहन, 18 सितंबर। उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा की अध्यक्षता में आज उपायुक्त कार्यालय सभागार में अनुसूचित जाति/ जन जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति, अल्पसंख्यक वर्ग के लिये प्रधानमंत्री नया-15 सूत्रीय कार्यक्रम, जिला स्तरीय दिव्यांगता समिति व स्थानिय स्तरीय समिति तथा मेनुअल स्केवेंजिंग को समाप्त करने संबंधी त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
बैठक में अवगत करवाया गया कि अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत जिला सिरमौर में वर्ष 2026 में कुल 25 मामलों में 27 लाख, 47 हजार, 500 रुपये पीड़ितों को प्रदान किए जा चुके है। वर्ष 2022 से अब तक 108 मामलों में 125 पीड़ितों को 1 करोड, 19 लाख 42 हजार पांच सौ रूपये की राहत राशी जारी की गई है।
उपायुक्त ने अल्पसंख्यकों के लिये प्रधानमंत्री नया-15 सूत्रीय कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जिला सिरमौर की कुल जनसंख्या 5 लाख 29 हजार 855 है, जिसमें अल्पसंख्यक वर्ग की कुल जनसंख्या 53 हजार 25 है, जो कि कुल जनसंख्या का लगभग 10.01 प्रतिशत है।
उपायुक्त ने बताया कि एकीकृत बाल विकास योजना सेवाओं की उपलब्धता एक निश्चित संख्या में अल्पसंख्यक घनी आबादी वाले गांवो/प्रखंडों में सुनिश्चित करना है ताकि इस योजना इस योजना का लाभ अल्पसंख्यक समुदायों को भी उचित रूप में मिल सके।
उन्होंने बताया कि जिला एवं तहसील कल्याण कार्यालयों के माध्यम से पात्र एवं इच्छुक लाभार्थियों को आर्थिक क्रिया कलापों के लिए अधिवृद्धित ऋण सहायता प्रदान की जा रही है। वित वर्ष 2026-27 में अब तक अल्पसंख्यक ऋृण योजना के अन्तर्गत जिला के 25 लाभार्थियों को 01 करोड़, 07 लाख, 50 हजार रुपये की राशी सरल ऋण के रूप में प्रदान की जा चुकी है।
बैठक में बताया गया कि अल्पसंख्यकों के लिए स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोजगार योजना, स्वर्णजयंती शहरी रोजगार योजना, सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के भौतिक तथा आर्थिक लक्ष्यों का पात्र अल्पसंख्यक समुदायों के व्यक्तियों के लिए निर्धारित किया जाएगा। बैठक में यह भी बताया गया कि अब इस योजना का नाम दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन रखा गया है तथा ये योजनाएं नगर पालिका परिषद द्वारा क्रियान्वित की जा रही है।
इसके उपरांत उपायुक्त ने जिला स्तरीय दिव्यांगता समिति तथा स्थानीय स्तरीय समिति बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में बताया गया कि भारत सरकार कि ‘सिपड़ा’ योजना के अन्तर्गत विभागीय भवनों को दिव्यांगजनों हेतु रूकावट रहित बनाने के लिए संबंधित विभाग को प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए। उन्होंने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम की धारा 23 के अन्तर्गत प्रत्येक सरकारी विभाग में शिकायत प्रतितोष निवारण अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए।
बैठक मेें बताया गया कि जिला सिरमौर के समस्त शहरी निकाय व जिला ग्रामीण क्षेत्र मेनुअल स्केवेंजर मुक्त है। उपायुक्त ने शहरी निकायों को निर्देश दिए कि मेनुअल स्केवेंजर एक्ट 2013 के प्रावधानों का पालन करना सुनिश्चित करें व सफाई कर्मचारियों को उनके कार्यों से संबंधित आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं तथा समय-समय पर उनके स्वास्थ्य की जांच करवाना भी सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने शहरी निकायों को निर्देश देते हुए कहा कि अनुसूचित जाति/जनजाति निगम,National Action for Mechanised Sanitation Ecosystem एनएएमएसटीई की समस्त योजनाओं की जानकारी अपने अपने क्षेत्र में प्रदान करना सुनिश्चित करें व सफाई कार्यों में लगे कर्मचारियों की मृत्यु अथवा दुर्घटना संबंधी मामलों का पंजीकरण पोर्टल पर करना सुनिश्चित करें ताकि उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सकें।
बैठक में मुख्य मंत्री सहारा योजना सहित मलिन बस्तियों की स्थिति में सुधार, सांप्रदायिक घटनाओं की रोकथाम, प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम तथा विभिन्न मदों पर विस्तृत चर्चा की गई।
जिला कल्याण अधिकारी एवं समितियों के सदस्य सचिव गावा सिंह नेगी ने बैठकों में मदों को क्रमवार प्रस्तुत किए।
बैठक में जिला न्यायवादी चंपा सुरेल, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय मंगत राम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी तथा समितियों के सरकारी व गैर सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।
जिला लोक सम्पर्क अधिकारी, सिरमौर स्थित नाहन
01702-225024










