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सरकार के आदेशों की उड़ाई जा रही धज्जियाँ, करोड़ो रुपये का घोटाला,पुरानी स्टांप ड्यूटी कमरऊ तहसील में हुई दूसरे राज्यों की जीपीए

हिमाचल प्रदेश में स्टाम्प ड्यूटी की संशोधित दरें 30 अक्टूबर 2026 से लागू हो गई हैं। परंतु सिरमौर जिले की कमरऊ तहसील में अन्य राज्यों की जीपीए में करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा किया गया है सरकार ने जीपीए की स्टांप ड्यूटी 100 गुना बढ़ा दिया परंतु पुराने रेटों पर ही जीपीए कर दी गई है ऐसे में सरकार को आर्थिक नुकसान हो रहा है देखने वाली बात यह है की ऐसे अधिकारियों के खिलाफ क्या सरकार FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई का संदेश देगी मिली जानकारी के अनुसार एक रिटायर्ड तहसीलदार के नाम पर फर्जी जीपीए का खेल खेला जा रहा है

सिरमौर जिला के कमरऊ तहसील में हरियाणा में बैठे दलालों द्वारा फर्जी तरीके से फोटो कराकर जीपीए करने का मामला सामने आया है नाम ना छापने की शर्त पर एक वकील ने बताया कि फर्जी तरीके से हजारों रुपए लेकर अधिकारी होम विजिट के नाम पर फर्जी जीपीए कर रहे हैं इनमें एक वकील द्वारा शिनाख्त भी फर्जी तरीके से की जा रही है

इसमें मामले में कमरऊ तहसील के नायब तहसीलदार ओमप्रकाश से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनके संज्ञान में ऐसा मामला आया था उन्होंने अपने वह तहसीलदार के ऊपर लग रहे आरोपी का खंडन किया है वही विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी डीसी सिरमौर से संपर्क किया गया तो उन्होंने जांच करने की बात कही है

भारतीय स्टाम्प (हिमाचल प्रदेश द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 2026 को 30 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में अधिसूचित कर दिया गया है। इसके बाद महानिरीक्षक पंजीकरण एवं निदेशक भूमि अभिलेख कार्यालय ने प्रदेश के सभी रजिस्ट्रार-कम-उपायुक्तों को नई दरों के अनुसार पंजीकरण प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

जारी आदेश के अनुसार NGDRS पोर्टल पर संशोधित स्टाम्प ड्यूटी दरों को अपडेट करने में कुछ समय लग सकता है। ऐसे में सॉफ्टवेयर अपडेट होने तक प्रदेश के सभी सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को दस्तावेजों के पंजीकरण के समय स्टाम्प ड्यूटी की गणना और सत्यापन मैन्युअल रूप से करने के निर्देश दिए गए हैं।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नागरिकों से संशोधित दरों के अनुसार ही स्टाम्प ड्यूटी वसूल की जाए। यदि किसी दस्तावेज के पंजीकरण के दौरान निर्धारित राशि से कम स्टाम्प ड्यूटी जमा हुई है, तो लागू नियमों के अनुसार अंतर की राशि भी वसूल की जाएगी।

यह निर्देश सरकार के राजस्व को सुरक्षित रखने, स्टाम्प ड्यूटी की कम वसूली रोकने तथा भविष्य में ऑडिट संबंधी आपत्तियों से बचने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं।

पत्र पर तोरुल एस. रवीश, IAS, निदेशक भूमि अभिलेख एवं महानिरीक्षक पंजीकरण, हिमाचल प्रदेश के हस्ताक्षर हैं। आदेश की प्रतिलिपि राजस्व विभाग तथा NIC पुणे के संबंधित अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।

विशेष: NGDRS पोर्टल अपडेट होने का इंतजार किए बिना 30 अक्टूबर 2026 से नई स्टाम्प ड्यूटी दरों के अनुसार पंजीकरण कार्यालयों में गणना और वसूली की जाएगी।

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