स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव जनमत संग्रह साबित हुए, जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकारा : डॉ. राजीव बिंदल
मुख्यमंत्री चुनाव टालते रहे, जनता ने वोट की चोट से कांग्रेस की जनविरोधी नीतियों का दिया जवाब
कांग्रेस सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार खो चुकी, मुख्यमंत्री इस्तीफा देकर विधानसभा चुनाव करवाएं : डॉ. राजीव बिंदल
नाहन 3 जून 2026
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि हाल ही में संपन्न हुए स्थानीय निकाय एवं पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों ने प्रदेश की राजनीति से जुड़े अनेक अनुत्तरित प्रश्नों का स्पष्ट उत्तर दे दिया है। चुनाव परिणामों ने साबित कर दिया है कि हिमाचल प्रदेश की जनता वर्तमान कांग्रेस सरकार से पूरी तरह निराश और असंतुष्ट है तथा प्रदेश में सत्ता परिवर्तन का मन बना चुकी है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उनका मंत्रिमंडल और कांग्रेस सरकार इन चुनावों को टालने के लिए हर संभव प्रयास करती रही। कभी पुनर्गठन, कभी रोस्टर, कभी डिलिमिटेशन और कभी अन्य तकनीकी बहानों के माध्यम से चुनावों को लटकाने की कोशिश की गई। अंततः माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद चुनाव करवाने पड़े और जनता ने कांग्रेस सरकार को करारा जवाब दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान कांग्रेस सरकार ने सत्ता, सरकारी मशीनरी, धनबल और प्रशासनिक प्रभाव का खुलकर दुरुपयोग किया। इसके बावजूद प्रदेश की जागरूक जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से वोट की चोट मारकर सरकार की जनविरोधी नीतियों और अहंकार को नकार दिया।
डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस लगातार इन चुनावों को गैर-राजनीतिक बताने का प्रयास करती रही, लेकिन परिणाम आने के बाद जीत का श्रेय लेने लगी। सच्चाई यह है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मतदाताओं ने इन चुनावों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। पंचायतीराज चुनावों में मतदाताओं ने एक साथ कई स्तरों पर मतदान किया, जिससे यह चुनाव प्रदेश सरकार के कार्यकाल पर जनमत संग्रह का रूप ले गया।
उन्होंने कहा कि नगर निगमों, नगर परिषदों, जिला परिषदों और पंचायत समितियों के चुनाव परिणाम स्पष्ट रूप से कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनता का फैसला हैं। जनता ने भ्रष्टाचार, तानाशाही, राजनीतिक प्रतिशोध, खराब कानून व्यवस्था, बढ़ते अपराध, नशे के प्रसार और आर्थिक कुप्रबंधन के खिलाफ अपना जनादेश दिया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने विधानसभा चुनावों के दौरान बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन वादों को पूरा करने में विफल रही। महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह, युवाओं को रोजगार, किसानों-बागवानों को राहत, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और अन्य चुनावी गारंटियां आज भी अधूरी हैं। जनता ने इन झूठी गारंटियों के खिलाफ मतदान कर सरकार को स्पष्ट संदेश दिया है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि चुनाव परिणामों ने कांग्रेस के बड़े नेताओं और मंत्रियों की राजनीतिक स्थिति भी उजागर कर दी है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के प्रभाव क्षेत्र में पार्टी को करारी हार मिली। वरिष्ठ मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। सिरमौर जिले में भाजपा ने 17 में से 13 जिला परिषद सीटें जीतकर नया इतिहास रचा। मुख्यमंत्री के गृह जिले हमीरपुर में भी कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और पार्टी को सीमित सफलता ही मिली।
उन्होंने कहा कि मंडी नगर निगम में कांग्रेस को केवल एक सीट पर संतोष करना पड़ा। धर्मशाला नगर निगम में भाजपा ने शानदार विजय प्राप्त की। सोलन जिले में, जहां कांग्रेस के सभी विधायक हैं और अनेक वरिष्ठ मंत्री चुनाव प्रबंधन में लगे हुए थे, वहां भी जनता ने कांग्रेस को नकारते हुए भाजपा के पक्ष में मतदान किया। किन्नौर जैसे दूरस्थ क्षेत्र में भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व के प्रभाव को जनता ने खारिज कर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को समर्थन दिया।
डॉ. बिंदल ने कहा कि चुनाव परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है। प्रदेश के हर क्षेत्र से कांग्रेस के खिलाफ जनाक्रोश दिखाई दिया है और भाजपा के पक्ष में बढ़ता समर्थन यह संकेत दे रहा है कि हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक परिवर्तन की मजबूत लहर चल रही है।
उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस सरकार का नैतिक आधार समाप्त हो चुका है। जब जनता स्थानीय निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों में इतनी स्पष्टता के साथ सरकार को नकार चुकी है तो मुख्यमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और विधानसभा चुनावों का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए ताकि प्रदेश की जनता अपनी पसंद की सरकार चुन सके।
डॉ. बिंदल ने प्रदेश की जनता, भाजपा कार्यकर्ताओं और सभी विजयी उम्मीदवारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी जनता के विश्वास और समर्थन को और मजबूत करते हुए प्रदेश के विकास, सुशासन और जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।












