सिरमौर: बीमार भाई-बहन के लिए प्रशासन बना मसीहा, रैस्क्यू कर दिया नया जीवन

Khabron wala 

ग्राम पंचायत शिलाई के अच्छोटी गांव में पिछले 6 वर्षों से अमानवीय परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे मानसिक रूप से बीमार भाई-बहन को शनिवार को प्रशासन की पहल पर रैस्क्यू कर उपचार एवं पुनर्वास के लिए “अपना घर आश्रम” भेजा गया। जानकारी के अनुसार अच्छोटी गांव निवासी 42 वर्षीय दौलत राम और उनकी 37 वर्षीय बहन निशा मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। करीब 6 वर्ष पूर्व माता-पिता के निधन के बाद दोनों पूरी तरह असहाय हो गए थे।

देखभाल करने वाला कोई न होने के कारण वे एक जर्जर और टूटे-फूटे मकान में बेहद दयनीय स्थिति में रह रहे थे। स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक दोनों भाई-बहन शारीरिक और मानसिक स्थिति खराब होने के चलते घर के भीतर ही शौच करने को मजबूर थे। पड़ोसी कभी-कभार उन्हें भोजन उपलब्ध करवा देते थे, लेकिन नियमित देखभाल और उपचार का अभाव था। घर की हालत भी अत्यंत खराब और अस्वच्छ थी।

मामले की जानकारी मिलने पर उपमंडलाधिकारी शिलाई जसपाल सिंह ने दोनों को आश्रम में स्थानांतरित करने के लिए विधिवत अनुमति पत्र संजय नामक व्यक्ति को सौंपा। शनिवार को एसडीएम जसपाल सिंह, बाल विकास परियोजना अधिकारी गीता सिंघटा अच्छोटी गांव पहुंचे। निरीक्षण के दौरान घर की स्थिति बेहद दयनीय पाई गई। गांव तक वाहन योग्य सड़क न होने के कारण प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने दोनों भाई-बहन को पैदल मुख्य सड़क तक पहुंचाया। उसके बाद एम्बुलैंस के माध्यम से उन्हें उपचार और पुनर्वास के लिए “अपना घर आश्रम” भेजा गया।

एसडीएम शिलाई जसपाल सिंह ने बताया कि आश्रम में दौलत राम और निशा का चिकित्सीय परीक्षण करवाकर समुचित उपचार, पौष्टिक आहार और देखभाल सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें। वहीं सीडीपीओ गीता सिंघटा ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में विभाग द्वारा हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

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