बहुचर्चित कोटखाई दुष्कर्म और मर्डर केस से जुड़े सूरज लॉकअप मर्डर में सरकार ने आईजी जहूर एच जैदी को फिर सस्पेंड कर दिया है| गृह विभाग ने निलंबन के आदेश जारी किए हैं| जैदी पर सूरज हत्याकांड में शिमला की पूर्व एसपी सौम्या पर दबाव बनाने का आरोप है| ऑल इंडिया सर्विस डिसिप्लीन एंड अपील रूल्स के तहत यह कार्रवाई की गई है| अब जैदी एडीजी होमगार्ड हैडक्वार्टर में रिपोर्ट करेंगे|
गुड़िया हत्याकांड केस का ट्रायल चंडीगढ़ में चल रहा है बीते 8 जनवरी को मामले की सुनवाई चंडीगढ़ में हुआ था और वहां शिमला की पूर्व एसपी सौम्या ने कोर्ट में आईजी के खिलाफ दवाब बनाने का आरोप लगाते हुए बयान दर्ज करवाया था| इस पर सीबीआई कोर्ट ने शिमला के डीजीपी को नोटिस जारी किया और कहा था कि वह आईजी जहूर जैदी के खिलाफ कार्रवाई करें|
गौरतलब है कि सौम्या मंडी जिला के पंडोह में आईआरबी तीन की कंमांडेट हैं। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सौम्या सांबशिवन ने सीबीआई कोर्ट चंडीगढ़ में गुड़िया मामले में बतौर गवाह बयान दिया था। कोर्ट में सौम्या ने कहा है कि आईजी रैंक के अधिकारी जहूर जैदी ने उस पर कोर्ट में बयान बदलने का दबाव डाला था। सौम्या के इस बयान के बाद सीबीआई कोर्ट ने हिमाचल के डीजीपी को आईजी के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। गुड़िया कांड के बाद सौम्या शिमला में बतौर एसपी तैनात थीं। इस मामले में सौम्या को गवाह बनाया गया था।
बता दें कि आईपीएस अधिकारी सौम्या सांबशिवन की ओर से गुड़िया हत्याकांड मामले में आईजी जहूर जैदी पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाने के बाद हिमाचल की सियासत में हलचल मच गई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने कांगड़ा प्रवास के दौरान कहा था कि सरकार ऐसे अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करेगी जो गुड़िया केस के गवाहों पर दबाव डालने की कोशिश की। उन्होंने कहा था कि हम कोर्ट के आदेशों के मिलने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन इस मामले में अगर किसी ने सुबूतों और गवाहों को प्रभावित करने का प्रयास किया तो यह बर्दाश्त नहीं होगा
बात दें कि शिमला की पूर्व एसपी सौम्या ने अदालत में बयान में कहा था कि सुनवाई से पहले उन पर इतना दबाव डाला गया कि वह परेशान हो गई| ऐसी स्थिति में उनके लिए काम करना मुश्किल हो गया था| उन्हें मानसिक दबाव झेलना पड़ा| उन्होंने अदालत में कहा था कि प्रतिदिन हालात इतने कठिन हो गए थे कि मेरे पीएसओ, स्टेनो ने फोन तक बंद कर दिया है|सौम्या ने कहा कि लगातार फोन कर मुझ पर बयान बदलने के लिए दबाव डाला गया| सौम्ना ने कोर्ट में दिए बयान में कहा था कि जैदी ने मुझ से फोन पर कहा कि मैं वकीलों की एक टीम और 30 पेज की प्रश्नावली का सामना करने के लिए तैयार हूं| मुझे उम्मीद है कि आप सीबीआई को इसकी सूचना नहीं देंगी| इससे मैं मानसिक रूप से परेशान हो गई थी| इसके बाद मुझे धर्मशाला में 10 दिसंबर 2019 को डीजीपी को तत्काल मामले की सूचना देनी पड़ी| सूचना के बाद उनका फोन आना बंद हो गया, लेकिन मेरे पीएसओ से मेरी लोकेशन रोजाना जानने की कोशिश की गई|












