“धाम और धूमधाम” के बाद शिक्षा मंत्री को स्कूल उद्घाटन से रोकना ही सुक्खू सरकार का व्यवस्था परिवर्तन : जयराम ठाकुर

“धाम और धूमधाम” के बाद शिक्षा मंत्री को स्कूल उद्घाटन से रोकना ही सुक्खू सरकार का व्यवस्था परिवर्तन : जयराम ठाकुर

विपक्षी नेताओं की पट्टिकाएं उखाड़ते-उखाड़ते अपने ही मंत्रियों की पट्टिकाएं उखड़वा रही है सरकार।

बोले, जान हथेली पर लेकर दो नालों के बीच किराये के चार कमरों में लग रही हैं सात कक्षाएं, बहुमंजिला भवन के लिए हो रहा ‘दिव्य मुहूर्त’ का इंतजार। जिन कारणों से शिक्षा मंत्री को उद्घाटन करने से रोकने की बात सामने आ रही है, वह और भी दुर्भाग्यपूर्ण और हास्यास्पद है। एक झटके में दो हजार से ज्यादा स्कूल बंद करने वाली सरकार एक स्कूल के उद्घाटन के लिए दिल्ली दरबार से नेता बुला रही है।

शिमला: शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि एक तरफ मंडी के द्रंग विधानसभा क्षेत्र के देयोरी में किराये के चार कमरों में सात कक्षाएं लग रही हैं। दो नालों के बीच बच्चे जान हथेली पर रखकर शिक्षा लेने को मजबूर हैं। दूसरी तरफ स्कूल का बहुमंजिला भवन तैयार होने के बाद भी सात महीनों से ‘दिव्य मुहूर्त’ का इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षा मंत्री ने बच्चों की समस्याओं और अभिभावकों की मांग को ध्यान में रखते हुए “धाम और पूरे धूमधाम” से उस विद्यालय का उद्घाटन करना चाहा तो राजधानी से फोन गया कि आप उस विद्यालय का उद्घाटन नहीं कर सकते, रुक जाइए। कार्यक्रम रोक दीजिए। लोग इकट्ठा हो चुके थे। सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ धाम का भी इंतजाम था। आखिरकार कार्यक्रम रोक दिया गया। मंत्री जी के नाम की उद्घाटन पट्टिका भी लग गई थी, बस उससे पर्दा हटाया जाना बाकी था। जिसे अधिकारियों द्वारा उखड़वा दिया गया। व्यवस्था परिवर्तन की सरकार में एक शिक्षा मंत्री स्कूल भवन का भी उद्घाटन नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुनने में आ रहा है कि सरकार अपने नंबर बढ़ाने के लिए आलाकमान की नेता प्रियंका गांधी से इस भवन का उद्घाटन करवाना चाह रही है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सत्ता में आते ही सुक्खू सरकार ने मिशन मोड पर भाजपा सरकार में करवाए गए कार्यों पर लगी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की पट्टिकाएं उखड़वाने का काम किया, क्योंकि सरकार के पास बताने के लिए अपनी कोई बड़ी उपलब्धि नहीं थी। अब सरकार विपक्षी नेताओं की पट्टिकाएं उखाड़ते-उखाड़ते अपने ही मंत्रियों की पट्टिकाएं उखड़वा रही है। उन्होंने कहा कि इस अधूरे रह गए उद्घाटन समारोह में सरकार और प्रशासन द्वारा स्थानीय भाजपा विधायक को भी नहीं बुलाया गया, जबकि मुख्यमंत्री कई बार यह आश्वासन दे चुके हैं कि ऐसे मामलों में स्थानीय विधायक को बुलाया जाएगा, चाहे वह विपक्ष से ही क्यों न हो। लेकिन जब मुख्यमंत्री अपने ही मंत्री को उद्घाटन से रोक रहे हैं तो विपक्षी विधायकों के सम्मान की उम्मीद उनसे करना बेईमानी है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सत्ता में आने के बाद से सुक्खू सरकार ने एक झटके में 2000 से ज्यादा स्कूल बंद कर दिए। स्कूलों को बंद करने और उन्हें मर्ज करने का सिलसिला अभी भी लगातार चल रहा है। लेकिन एक विद्यालय भवन के उद्घाटन के लिए राजनीति हो रही है, जबकि वहां पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चे किराये के मकान में दो नालों के बीच पढ़ाई करने को विवश हैं और स्कूल का भवन पिछले सात महीनों से किसी वीआईपी नेता द्वारा उद्घाटन होने का मुहूर्त देख रहा है। उन्होंने कहा कि जिन कारणों से शिक्षा मंत्री को उद्घाटन करने से रोकने की बात सामने आ रही है, वह और भी दुर्भाग्यपूर्ण और हास्यास्पद है, क्योंकि सुक्खू सरकार अपने नंबर बढ़ाने के लिए स्कूल भवन के उद्घाटन हेतु दिल्ली दरबार से कांग्रेस के महासचिव प्रियंका गांधी को बुलाना चाहती है, लेकिन उन्हें समय नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अब देखना यह है कि सुक्खू सरकार को उस बड़े नेता से उद्घाटन का समय कब मिलता है और खतरे के बीच पढ़ाई कर रहे छात्रों को नए भवन में जाने का अवसर कब मिल पाता है।

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