पांवटा साहिब के वाई-प्वाइंट पर दर्दनाक सड़क हादसे में घायल महिला अनुराधा ने दम तोड़ दिया। वही इस हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि पांवटा साहिब की सड़के आम नागरिकों के लिए कितनी सुरक्षित है।
पांवटा साहिब में 9 अक्टूबर सुबह वाइ पॉइंट पर एक महिला को तेज रफ्तार कार द्वारा रौंद दिया गया था, महिला पिछले 2 दिनों से जिंदगी और मौत के बीच देहरादून अस्पताल में जूंझ रही थी। 11 अक्टूबर को सुबह ख़बर सामने आई जिसमें वार्ड नंबर 10 के पार्षद मयंक चौहान ने बताया कि वाइ प्वाइंट पर कार टक्कर से घायल अनुराधा ने रविवार सुबह दम तोड़ दिया है।
वही आपको बता दें कि पांवटा साहिब की सड़कों को लेकर डॉक्टर रोहतास पार्षद वार्ड नंबर 8 और मयंक चौहान वार्ड पार्षद 10 पहले ही कह चुके हैं कि शहर की सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए अब कुछ खास कदम उठाने होंगे। विशेष तौर पर नेशनल हाईवे के दोनों और बने पैदल पथ और फुटपाथ को और बेहतर करना होगा ताकि लोग पैदल इस पर सुरक्षित चल सके। वहीं उन्होंने कहा कि लोगों के भीतर आक्रोश पनपने लगा है । वही डॉक्टर रोत रोहतास ने कहा नैशनल हाईवे पर हर 200- 300 मीटर पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाने चाहिये ताकि तेज रफ्तार गाड़ियों को धीमा किया जा सके।
कार हादसे के बाद जो सीसीटीवी सामने आई है और उसमें गाड़ी की तेज रफ्तार को देखते हुए लोगों के भीतर आक्रोश पैदा हो गया है। लोगों का कहना है कि पांवटा साहिब की सड़के बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है पैदल और साइकिल सवार के लिए तेज रफ्तार गाड़ियां मौत बनकर दौड़ रही है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन सहित विधायक को तुरंत नेशनल हाईवे पर पैदल पथों को खाली करवाना चाहिए ताकि लोग उसके ऊपर सुरक्षित चल सकें।
आपको बता दे की 9 अक्टूबर को कार चालक अखिल पुत्र नेत्र सिंह निवासी बड़वास शिलाई जिसकी उम्र 20 वर्ष बताई जा रही है, को पुलिस ने कार एक्सीडेंट के बाद बेल दे दी थी।








