कफ्र्यू के दौरान लोगों को कुल्लू जिले में 10 से एक बजे तक जरूरी समान लेने के लिए छूट दी गई है परंतु इसी दौरान वाहनों के प्रयोग पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है जो समझ से परे हैं। क्योंकि जब लोग राशन,सब्जी,गैस भरने व स्प्रे के लिए दवाइयां लेने कैसे बाजार जापाएंगे। क्या उन्हें कई किलोमीटर दूर से पैदल ही जरूरी सामान लेने बाजारजाना पड़ेगा या फिर प्रशासन उन्हें सामग्री को घर पर ले जाकर देगा। सभीको ज्ञात है कि कुल्लू जिले में कई गांव बाजारों से कई किलोमीटर दूर हैउन्हें बाजार तक आने-जाने में ही 3 घंटे लग जाते हैं। यदि वे लोग कफ्र्यूमें 3 घंटे की छूट के दौरान बाजार से जरूरी सामान की खरीददारी करने गाड़ी में नहीं जायेंगे तो उनके लिए बाजार पहुंचना ही संभव नहीं हो पाऐगा।कुल्लू फलोत्पादक मंडल के प्रधान प्रेम शर्मा ने प्रशासन के इस निर्णय परआपत्ति जताते हुए यह बातें कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जरूरीसमानों की दुकानों के साथ साथ अब पेस्टिसाइड,कीटनाशक की दुकानों को भी कुल्लू जिले में 10 से 1 बजे तक खुला रखने की छूट दी है जिसका मंडल स्वागत करता है।
प्रेम शर्मा ने कहा कि कम से कम 3 घंटों दौरान जरूरी खरीददारी करने के लिए लोगों को वाहनों के प्रयोग की अनुमति दी जानी चाहिए और बागवानों को पूरे दिन बागीचों में कार्य करने तथा बागीचों तक जाने व सामान ले जाने के लिए वाहनों की पूरी तरह से छूट दी जानी चाहिए। क्योंकि लोगों को बाजार से समान को पीठ पर लाद कर पैदल गांव तक पहुंचने में काफी दिक्कत हो रही है। साल में एक बार आने वाली फसल सेब में फ्लावरिंग का दौर चला है और सेब की अच्छी पैदावार के लिए परागण की आवश्यकता रहती है। परागण के लिए मधुमखियों की जरूरत होती है। परंतु पूरे भारत में लॉकडाउन और हिमाचल में कफ्र्यू के कारण पंजाब व हरियाणा से जो मधुमक्खी पालक हिमाचल आते थे वे नहीं आ पा रहे हैं। जिस कारण बागवानों को परागण प्रक्रिया के लिए मधुमखियां नहीं मिल पा रही है।सरकार ने शनिवार को मधुमखियों की गाडिय़ों को छूट देने की बात कही है।
प्रेम शर्मा ने कहा कि मधुमखियों की गाडिय़ों को शीघ्र हिमाचल आने कीअनुमित दी जाए। क्योंकि फ्लॉवरिंग का समय काफी कम होता है कहीं ऐसा न हो कि फ्लॉवरिंग का दौर खत्म होने के बाद गाडिय़ां हिमाचल पहुंचे। सरकार को इस पर शीघ्र निर्णय लेना चाहिए क्योंकि कुल्लू में 70 प्रतिशत लोगों तथा उनके परिवारों की आर्थिकी सेब पर निर्भर करती है। सरकार से आग्रह करते हुए प्रेम शर्मा ने कहा कि खाद के डिपो भी खुले रखे जाएं क्योंकि आजकल पौधों में खाद डालने का भी समय है और लोगों को खाद को डिपो से बगीचों तक वाहनों में ले जाने की छूट भी दी जाए।












