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प्रदेश शिक्षा विभाग ने लैक्चरार (स्कूल-न्यू) के भर्ती और सेवा नियमों में बदलाव करते हुए नए नियम अधिसूचित किए हैं। इसी के तहत लैक्चरार के 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती और 50 प्रतिशत पद पदोन्नति से भरे जाएंगे। सीधी भर्ती के 50 प्रतिशत हिस्से में 45 प्रतिशत पद नियमित भर्ती या पात्र प्रशिक्षुओं के नियमितीकरण से, जबकि 5 प्रतिशत पद कार्यरत एसएमसी शिक्षकों के लिए सीमित सीधी भर्ती (एलडीआर) के तहत रखे गए हैं। यानि कि एसएमसी शिक्षकों में पीजीटी के नियमितीकरण का रास्ता भी साफ हो गया है। शिक्षा सचिव की ओर से इसकी अधिसूचना जारी की है।
एसएमसी शिक्षकों के लिए इस 5 प्रतिशत कोटे का लाभ उन्हीं शिक्षकों को मिलेगा, जिन्होंने 17 जुलाई, 2012 की एसएमसी नीति के तहत कम से कम 5 साल की सेवा पूरी की हो और निर्धारित शैक्षणिक योग्यता रखते हों। सभी पात्र एसएमसी शिक्षकों के समायोजन के बाद यह पांच प्रतिशत कोटा अपने आप समाप्त हो जाएगा और इसे सीधी भर्ती के कोटे में शामिल कर दिया जाएगा। नए नियमों के तहत सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से 45 वर्ष निर्धारित की गई है। सरकार की सेवा में पहले से कार्यरत कर्मचारियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार ऊपरी आयु सीमा में छूट मिलेगी।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अन्य पात्र श्रेणियों को प्रदेश सरकार के नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाएगी। सीधी भर्ती के लिए सामान्य शैक्षणिक योग्यता संबंधित विषय में कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर डिग्री और बीएड निर्धारित की गई है। कुछ श्रेणियों में निर्धारित शर्तों के तहत 45 प्रतिशत अंकों वाली स्नातकोत्तर डिग्री भी मान्य होगी। तीन वर्षीय एकीकृत बीएड-एमएड और कुछ अन्य निर्धारित प्रोफैशनल डिग्री को भी मान्यता दी गई है।
कम्प्यूटर साइंस के लिए अलग नियम, पदोन्नति के लिए दुर्गम क्षेत्रों में सेवा जरूरी
कम्प्यूटर साइंस लैक्चरार के लिए बीटैक (कम्प्यूटर साइंस/आईटी), एमएससी कम्प्यूटर साइंस, एमसीए और अधिसूचना में दी गई अन्य निर्धारित योग्यताओं के विकल्प रखे गए हैं। इस श्रेणी में बीएड की अनिवार्यता से छूट पाने वाले उम्मीदवारों के लिए हिमाचल के स्कूलों में कम्प्यूटर शिक्षक के रूप में कम से कम पांच साल का अनुभव जरूरी होगा। नियमों के अनुसार पदोन्नति के लिए कर्मचारियों को पर्याप्त पद उपलब्ध होने की स्थिति में जनजातीय, दुर्गम, कठिन और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम एक कार्यकाल पूरा करना होगा। सामान्य तौर पर यह कार्यकाल तीन साल या उससे कम हो सकता है। पदोन्नति के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के साथ कम से कम 5 साल की नियमित या पात्र निरंतर तदर्थ सेवा का प्रावधान है। नियमों में लैक्चरार (स्कूल-न्यू) के पद को तीन साल बाद ग्रुप-बी राजपत्रित श्रेणी में रखने का भी प्रावधान है। नई अधिसूचना के साथ वर्ष 2010 के पुराने भर्ती एवं पदोन्नति नियम निरस्त कर दिए गए हैं।









