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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एनडीपीएस एक्ट के तहत हेरोइन की तस्करी से जुड़े मामले में आरोपी को नियमित जमानत पर रिहा कर दिया. मामले में अदालत ने पुलिस की जांच में गंभीर खामियां पाई. मंडी जिला के बल्ह थाना के तहत दर्ज तस्करी के मामले में अदालत ने पुलिस जांच में खामियों, तथ्यों को छिपाने और कथित तौर पर जबरन वसूली के एंगल को देखते हुए जमानत का फैसला सुनाया. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए 1,00,000 रुपए के बेल बॉन्ड और दो जमानतियों की शर्त पर आरोपी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली.
मामले के अनुसार मंडी की बल्ह पुलिस ने 1 अप्रैल 2024 को गुप्त सूचना के आधार पर एक ऑल्टो कार से 287 ग्राम हेरोइन बरामद करने का दावा किया था. इसमें आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने इसे व्यावसायिक मात्रा का मामला बताते हुए आरोपी की जमानत का कड़ा विरोध किया. इस बीच, मामले में नया मोड़ तब आया जब आरोपी के पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके बेटे को झूठे केस में फंसाया है. गिरफ्तारी से पहले ही उन्हें फोन पर बेटे को छोड़ने के बदले एक लाख रुपए की रिश्वत को लेकर धमकी दी गई थी.
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने पहले इस मामले की सुनवाई करते हुए पाया था कि जबरन वसूली के ये कॉल पुलिस की कथित रिकवरी से पहले ही आ चुके थे. इसके अलावा, घटना के समय मौके पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (तत्कालीन एडिशनल एसपी) की मौजूदगी की बात सामने आई, लेकिन इसे जांच अधिकारी ने अपनी मुख्य लिखापढ़ी (रुक्के) में पूरी तरह छिपा लिया था. पुलिस की इस संदिग्ध कार्यप्रणाली को देखते हुए हाईकोर्ट ने पिछले साल दिसंबर में इस जबरन वसूली वाले मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी.
हाईकोर्ट ने कहा कि मौके पर एडिशनल एसपी जैसे सीनियर अधिकारी की उपस्थिति को जांच अधिकारी द्वारा एफआईआर की लिखापढ़ी में जानबूझकर छुपाया जाना एक बेहद गंभीर तथ्य है. अदालत ने कहा कि इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. रिकॉर्ड पर मौजूद पुख्ता सबूतों के आधार पर कोर्ट ने माना कि यह मानने के पर्याप्त कारण हैं कि आरोपी इस अपराध में दोषी नहीं है. यह टिप्पणी करते हुए अदालत ने आरोपी को नियमित जमानत दे दी.
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एनडीपीएस एक्ट के तहत हेरोइन की तस्करी से जुड़े मामले में आरोपी को नियमित जमानत पर रिहा कर दिया. मामले में अदालत ने पुलिस की जांच में गंभीर खामियां पाई. मंडी जिला के बल्ह थाना के तहत दर्ज तस्करी के मामले में अदालत ने पुलिस जांच में खामियों, तथ्यों को छिपाने और कथित तौर पर जबरन वसूली के एंगल को देखते हुए जमानत का फैसला सुनाया. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए 1,00,000 रुपए के बेल बॉन्ड और दो जमानतियों की शर्त पर आरोपी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली.








