Khabron wala
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती को लेकर अपने हालिया फैसले को वापस ले लिया है। उच्च न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से यह जानकारी दी गई। अदालत को सूचित किया गया कि शिक्षा सचिव द्वारा 9 अक्तूबर 2026 और 5 अक्तूबर को जारी की गई उन अधिसूचना को वापस ले लिया गया है, जिनके जरिए सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में शिक्षकों के उप-कैडर निर्माण की उप-योजना के पैरा-5.5 में बदलाव किया गया था।
न्यायाधीश अजय मोहन गोयल और न्यायाधीश योगेश जसवाल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट आदेश दिया है कि अगली सुनवाई तक राज्य सरकार ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाएगी, जिससे याचिकाकर्ताओं के हितों को नुक्सान पहुंचे। वहीं, याचिकाकर्ताओं ने भी अदालत को भरोसा दिलाया है कि वे आगामी सुनवाई तक कोर्ट द्वारा पहले पारित किसी भी आदेश को लागू करवाने के लिए सरकार पर दबाव नहीं बनाएंगे।
इस विवाद का मुख्य कारण शिक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया में किया गया बदलाव था। तय व्यवस्था के अनुसार सीबीएसई स्कूलों में नियुक्तियां पूरी तरह से मैरिट के आधार पर की जानी थीं। शिक्षकों की योग्यता और मैरिट तय करने के लिए सरकार द्वारा एक परीक्षा भी आयोजित की गई थी। हालांकि, शिक्षा विभाग इस प्रक्रिया के विपरीत नई व्यवस्था लागू करने जा रहा था। इस नई योजना के तहत विभाग शिक्षकों से उनकी पसंद के स्कूलों में नियुक्ति के लिए आवेदन (विकल्प) मांगने की तैयारी कर रहा था, ताकि उपलब्ध पदों और शिक्षकों की पसंद के आधार पर उनकी तैनाती की जा सके। मैरिट को दरकिनार कर पसंद के आधार पर तैनाती के इस फैसले पर उच्च न्यायालय ने कड़ा संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था।
हाईकोर्ट में दोनों पक्षों की सहमति के बाद अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 नवम्बर 2026 को तय की गई है। इस आगामी सुनवाई में मामले के गुण-दोष पर विस्तार से कानूनी बहस की जाएगी।












